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Mahendragarh-Narnaul News: पांच करोड़ के पायलट प्रोजेक्ट से जलभराव की समस्या से राहत की उम्मीद

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फोटो नंबर- 10सुरज अग्रवाल, निवासी, हुडा सेक्टर, नारनौल। - फोटो : निशान यात्रा निकालते लोग।
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नारनौल। शहर के हुडा सेक्टर में सिंचाई विभाग की तरफ से करीब 30 स्लो बोरवेल बनाए जाएंगे। इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए पांच करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी मिल गई है। इससे हुडा सेक्टर के बेसमेंट में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
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वहीं इन बोरवेल से पानी निकालकर नहर में छोड़ा जाएगा ताकि भूजल स्तर में गिरावट हो सके और बेसमेंट में भरने वाले पानी की समस्या से निजात मिल सके। इसके अलावा, अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो पूरे शहर में शुरू किया जाएगा जिस पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसके लिए नगर परिषद के पास सिंचाई विभाग ने प्रपोजल भेजा है जिसके लिए पूरी राशि नगर परिषद को जमा करानी होगी। हालांकि अभी हुडा सेक्टर में ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत कार्य किया जाएगा।
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शहर के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर काफी ऊपर आ चुका है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है जिससे बेसमेंट में लगातार पानी रिसता रहता है। लोगों को मोटर और पंप की सहायता से पानी बाहर निकालना पड़ता है। इससे दुकानों और घरों में रखा सामान खराब हो जाता है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार रातभर मोटर चलाकर पानी निकालना पड़ता है, फिर भी राहत नहीं मिलती।

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बेसमेंट में पानी न भरे इसके लिए बेसमेंट की दीवारों व फर्श पर सरिया व कंक्रीट मिश्रण भी लगाया था लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बेसमेंट में अभी भी 4 से 5 फिट तक पानी जमा है। इस कारण मकान की नींव को भी नुकसान पहुंचने की संभावना बनी रहती है। -पंकज यादव, निवासी, हुडा सेक्टर, नारनौल
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कई प्रयत्न करने के बाद भी बेसमेंट में पानी भरने की समस्या से निजात नहीं मिल पाई है। रोजाना मोटर चलाकर पानी बाहर निकालते हैं, उतना ही पानी और जमा हो जाता है। बारिश के दिनों में तो परेशानी और भी अधिक हो जाती है। -सूरज अग्रवाल, निवासी, हुडा सेक्टर, नारनौल

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सेक्टर के बेसमेंट में जलभराव की समस्या लंबे समय से है। इसको लेकर उपायुक्त, स्थानीय विधायक व नगर परिषद चेयरपर्सन को भी ज्ञापन दिया गया था। जलभराव की वजह से लोगों को मोटर चलाकर पानी निकालना पड़ता है।-नरेश चौधरी, प्रधान आरडब्ल्यूए




वर्जन:

हुडा सेक्टर में करीब 30 स्लो बोरवेल बनाए जाएंगे। इन बोरवेल की मदद से पानी निकालकर नहर में डाला जाएगा जिससे भूजलस्तर में गिरावट हो सकेगी। इसके लिए पांच करोड़ रुपये की मुख्यमंत्री से मंजूरी मिल चुकी है। अगर हुडा सेक्टर में यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो पूरे शहर में स्लो बोरवेल बनाए जाएंगे।-संदीप नासीर, एक्सईएन सिंचाई विभाग नारनौल
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