दौगड़ा अहीर में सर्वे करती जुगनू क्लब टीम। संवाद
- फोटो : Narnol
जुगनू क्लब द्वारा डिप्रेशन बीमारी के खिलाफ जंग छेड़ी हुई है। इसकी शुरुआत में एक रेंडम सर्वेक्षण किया जा रहा है। सर्वे में एक स्ट्रक्चर्ड प्रश्नावली द्वारा महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, फरीदाबाद, रोहतक व कुरुक्षेत्र जिलों से युवतियों में डिप्रेशन से संबंधित जानकारी हासिल की जाएगी। इसके बाद निर्धारित किए गए मानदंडों पर 5 गांवों को जुगनू क्लब दो वर्षों के लिए गोद लेगा। इन गांवों में डिप्रेशन के सभी मरीजों का मुफ्त इलाज व उसी गांव की युवतियों व महिलाओं को उनकी शारीरिक, मानसिक समस्याओं से संबंधित चिकित्सकीय परामर्श दिलाया जाएगा। यह कार्य डॉ. विजय भार्गव और डॉ. पूनम यादव के सहयोग से किया जाएगा।
मुहिम की कमान वर्चुअल माध्यम से आस्था राव न संभाल रखी है। उन्होंने बताया कि विषय की असल व गहरी जानकारी के साथ किसी भी मुहिम को कामयाबी के मुकाम पर पहुंचाया जा सकता है। डिप्रेशन विषय पर बहुत ही कम जानकारी उपलब्ध है। इसलिए रिसर्च के पहले चरण में रेंडम सर्वे कर भौगोलिक स्तर पर प्रॉब्लम एरिया को चिह्नित किया जाएगा। उसके बाद दूसरे चरण में चुने हुए गांव व मोहल्लों को बहुआयामी व केस स्पेसफिक डीप स्टडी कर विशेषज्ञों से समाधान व इलाज सुझाया जाएगा। आस्था राव ने कहा कि जुगनू क्लब विद्यार्थियों के माध्यम से रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के लगभग हर गांव में पहुंचने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने समाज से इस कार्य में सहयोग की अपील की है। 2022 के पहले रविवार को ही प्रश्नपत्र निर्माण व टेस्टिंग का कार्य दौंगड़ा अहीर की किरण यादव और उनके सहयोगियों से करवाया गया। आस्था राव ने वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बात कर प्रश्नावली भरवाने की प्रक्रिया को जांचा व कुछ परिवर्तनों के साथ 15 प्रश्नों को फाइनल किया।