गांधी बाजार स्थित दो दुकानों में लगी आग को काबू करने में फायर ब्रिगेड के पसीने छूट गए। नारनौल में एक ही दमकल की गाड़ी होने से बीच में ही पानी खत्म हो गया। इसके बाद दो गाड़ी महेंद्रगढ़ से मंगानी पड़ी। इससे भी आग को काबू नहीं किया जा सका। पब्लिक हेल्थ से पांच टैंकर पानी के मंगाए गए। तब जाकर रात करीब साढ़े आठ बजे से लगी आग को रात दो बजे काबू किया गया। हालांकि सुबह छह बजे दोबारा से आग लग गई। जिसे काबू कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार गांधी बाजार में शुक्रवार की रात करीब साढे़ आठ बजे अचानक आग लग गई। दुकान से धुआं निकलते ही दुकान मालिकों जानकारी दी और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। रात करीब साढ़े आठ बजे जानकारी दमकल केंद्र नारनौल को मिली। इस पर एक गाड़ी को मौके पर भेजा गया। लेकिन, कपड़े की दुकान में आग तेजी से फैल गई और पास में जनरल स्टोर एवं रेडीमेड की दुकान को भी लपेट में ले लिया। नारनौल दमकल केंद्र पर एक ही गाड़ी होने से आग बुझाते हुए उसका पानी समाप्त हो गया। उसे दोबारा से भरकर लाने में देरी होती। ऐसे स्थिति में मेन बाजार में आग की घटना को देखते हुए नारनौल दमकल केंद्र ने महेंद्रगढ़ से दो गाड़ियों को बुलाया। दोनों गाड़ियों रात करीब पौने दस बजे पहुंच गई और आग बुझाने में जुट गई। लेकिन, दोनों दुकानों की आग को बुझा नहीं पाई। हालांकि आग से अन्य दुकानों में फैलने से जरूर रोक दिया। इस दौरान भारी भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को हटाया। इसके बाद पूरा मामला प्रशासन के ध्यान में लाया गया। इसके बाद पब्लिक हेल्थ के पांच पानी के टैंकर की मदद से करीब रात दो बजे आग पर काबू पाया गया। तक जाकर अन्य दुकानदारों ने भी राहत की सांस ली।
जिला फायर अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि दुकानें पुराने मकान में थी और लकड़ी की कड़ी लगी थी। दुकानों में धुआं निकलने का जगह नहीं था। ऐसे में आग को काबू करने में देरी हुई। उन्होंने बताया कि रात दो बजे आग को काबू करने के बाद दुकान की छत को तोड़ा गया। धुआं निकलने के बाद सुबह छह बजे दोबारा आग लग गई। लेकिन इसे बुझा दिया गया। आशंका हैं कि शार्ट सर्किट से आग लगी होगी। बाजार में आग लगने की घटना से नप चेयरपर्सन के पति संजय सैनी, पूर्व पार्षद संजय यादव, सिटी थाना प्रभारी मनोज कुमार, व्यापार मंडल के सचिव संदीप गुप्ता और नप के अधिकारी देर रात तक मौके पर डटे रहे। संजय सैनी ने बताया कि नवीन सैनी टीचर ने भी अपने ओर से एक टैंकर पानी उपलब्ध कराया।
दहशत में बीती रात : संदीप नूनीवाल
गांधी बाजार के ठीक पीछे हरियाणा व्यापार मंडल के जिला महासचिव संदीप नूनीवाल का मकान है। उन्होंने बताया कि रात की लगी आग से धुआं उनके घर में आ गया। इससे मां को सांस की समस्या होने लगी और आग को काबू करने में दमकल केंद्र को परेशानी हो रही थी। ऐसे में परिवार को हुडा सेक्टर में भाई के पास भेजना पड़ा। उन्होंने बताया कि रात दो बजे तक कई परिवारों को परेशानी उठानी पड़ी। सभी को आग फैलने का डर सता रहा था क्यों कि नारनौल में दमकल की गाड़ियों का अभाव है। संदीप ने प्रशासन से मांग की हैं कि पुराना शहर काफी संकरा हुआ है। इसलिए यहां पर छोटी फायर की गाड़ियां उपलब्ध कराई जाए। जिससे आग को समय से काबू किया जा सके।
अमर उजाला ने उठाया था मामला, नारनौल में सिर्फ एक दमकल गाड़ी
जिला मुख्यालय स्थित नारनौल दमकल केंद्र में सिर्फ एक दमकल गाड़ी है। एक गाड़ी से नारनौल, अटेेेली और नांगल चौधरी क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं को काबू करने जिम्मेदारी है। जबकि, तत्काल चार दमकल गाड़ियों की नारनौल में जरूरत है। इसमें दो वाटर गाड़ी, एक स्मॉल फायर गाड़ी और एक रेस्क्यू गाड़ी शामिल है। नौ नवंबर के अंक में अमर उजाला ने शहर में गाड़ियों की कमी का मामला उठाया था।
बता दें कि दमकल केंद्र नारनौल के पास पहले तीन गाड़ियां थी। जिला महेंद्रगढ़ एनसीआर क्षेत्र में आता है। ऐसे में यहां पर दस साल पुरानी गाड़ियों को नहीं रखा जा सकता है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आदेश पर नारनौल केंद्र से दो दस साल पुरानी गाड़ियों को अन्य जिलों में भेज दिया गया। ऐसे में अब नारनौल दमकल केंद्र पर सिर्फ एक दमकल गाड़ी बची है। नारनौल में कम से कम चार दमकल गाड़ियां होनी चाहिए। नारनौल केंद्र से नारनौल, अटेली विस और नांगल चौधरी विधानसभा के गांवों को कवर किया जाता है। पहले सेंटर के पास तीन गाड़ियां थी तो किसी प्रकार से काम चल रहा था। नप चेयरपर्सन भारती सैनी ने बताया कि गाड़ियों की समस्या की ओर से सरकार का ध्यान लाया जाएगा।