स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने भ्रूण लिंग जांच करने के मामले में एक आरोपी को काबू किया है। टीम द्वारा आरोपी से जांच करने वाली मशीन और जांच के लिए ली गई 60 हजार रुपये की नकदी भी बरामद कर ली है। सदर थाना महेंद्रगढ़ में आरोपियों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट व आईएमसी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है।
स्वास्थ्य विभाग को सूचना प्राप्त हुई थी कि महेंद्रगढ़ व राजस्थान की सीमा के साथ लगते क्षेत्र में गर्भ में पल रहे लिंग की जांच करने वाला गिरोह सक्रिय है। 14 फरवरी देर शाम पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल डॉ. हर्ष चौहान नोडल अधिकारी, डॉ. पवन यादव, अशोक कुमार द्वारा पुलिस की मदद से आरोपी को काबू किया गया। आरोपी की पहचान राजस्थान प्रदेश के जिला झंझुनू की तहसील बुहाना के गांव भीर निवासी आनंद कुमार के रूप में हुई है।
60 हजार रुपये में तय हुआ था सौदा
भ्रूण लिंग की जांच करने वाले इस गैरकानूनी धंधे में मरीजों से करीब 60 हजार रुपये तक ले लेते थे। इस सूचना पर सिविल सर्जन द्वारा स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गठित की गई। टीम ने एक महिला को फर्जी ग्राहक के रूप में तैयार किया। भ्रूण लिंग की जांच करने वालों के द्वारा डिकॉय पेशेंट से लिंग जांच करवाने के लिए 60 हजार में सौदा तय हुआ और उसने टीम के द्वारा तैयार किए डिकॉय पेशेंट को गांव दुलोठ क्षेत्र में बुलाया। वहां पहुंचने पर भ्रूण लिंग जांच करने वाले ने डिकॉय पेशेंट से 60 हजार रुपये ले लिये। टीम ने भ्रूण लिंग जांच करने वालों का पीछा करते हुए पकड़ लिया और मशीन व नकदी बरामद कर ली। डिकॉय पेशेंट ने टीम को गर्भ में पल रहे लिंग की जांच कराने की जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग और थाना सदर महेंद्रगढ़ की टीम ने सदर थाना महेंद्रगढ़ में आरोपी के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट, आईएमसी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया है।
यूं किया भंडाफोड़
जिला समुचित प्राधिकरण द्वारा भ्रूण लिंग जांच के गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए पीएनडीटी नारनौल द्वारा डॉ. हर्ष चौहान नोडल अधिकारी की देखरेख में एक टीम का गठन किया गया। टीम में डॉ. पवन यादव उप सिविल सर्जन, अशोक कुमार को शामिल किया। टीम द्वारा एक डिकॉय मरीज बनाया गया व मदद के लिए स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। टीम द्वारा सूचना के आधार पर गिरोह के सदस्यों से संपर्क किया। जिन्होंने 60 हजार रुपये में लिंग जांच के लिए सहमति जताई। सोमवार शाम पांच बजे गांव दुलोट अहीर में बाबा खेतानाथ धर्मकांटा बुलाया। मरीज केयर टेकर के साथ उपरोक्त समय पर पहुंची। आरोपी आनंद कुमार बाइक लेकर पहुंचा तथा डिकॉय मरीज ने 60 हजार रुपये की राशि दी। टीम द्वारा छिपकर बाइक का पीछा किया गया। वह ग्रामीण रास्तों से दो घंटे बाद टीम की डिकॉय मरीज को वापिस छोड़ने आए तो टीम द्वारा आनंद कुमार को पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन सहित काबू कर लिया तथा 60 हजार रुपये की नकदी भी बरामद कर ली। आरोपी आनंद कुमार ने गर्भ में लड़की होना बताया है।
मोबाइल से मिले सुराग, लंबे समय से कर रहा था लिंग जांच
टीम द्वारा आरोपी के मोबाइल से काफी अहम सुराग मिलें हैं जिसके आधार पर टीम ने लंबे समय से लिंग जांच करने की पुष्टि की। आरोपी को महेंद्रगढ़ सदर थाना में मामला दर्ज करा मंगलवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया।