फोटो संख्या:67- कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ में किसानों को संबोधित करते कृषि विशेषज्ञ
महेंद्रगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र में हिंदुस्तान एंड कैमिकल्स लिमिटेड भिवानी की ओर से किसानों के लिए ग्वार फसल की अच्छी पैदावार लेने के किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। केंद्र के संयोजक डॉ. सत्यजीत ने कहा कि भारत वर्ष में ग्वार शुष्क क्षेत्रों के लिए वर्षा पर आधारित या कम पानी व लागत में उगाई जाने वाली खरीफ मौसम की एक महत्वपूर्ण फसल है।
ग्वार की फसल भूमि की उर्वरक शक्ति को भी बढ़ाती है। उन्नत किस्मों जैसे एचजी 2-20, एचजी 563 का चयन व उचित फसल प्रबंधन अपनाकर उत्पादन को ओर अधिक बढ़ाया जा सकता है। ग्वार विशेषज्ञ डॉ. बीडी यादव ने बताया कि ग्वार फसल में कई बार रस चूसने वाले कीटों का आक्रमण हो जाता है, इससे बचाव के लिये 200 मिली मैलाथियान 50 ईसी को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें।
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र यादव ने किसानों को ग्वार फसल में लगने वाले कीड़ों व बीमारियों कि रोकथाम व दवाओं के प्रयोग में सावधानियों के बारे में जानकारी दी।
कृषि वैज्ञानिक डाॅ. राजपाल यादव ने संतुलित खादों के प्रयोग, गृह विज्ञान विस्तार विशेषज्ञ डॉ. पूनम यादव ने ग्वार के औद्योगिक फसल के रूप में होने वाले व्यावसायिक उपयोगों के बारे में बताया। सस्य वैज्ञानिक डॉ. आशीष शिवरान ने किसानों को ग्वार फसल के उत्पादन में खरपतवार नियंत्रण की जानकारी दी।