नारनौल। जिले में जहां पहले डीएपी खाद की किल्लत बनी हुई थी। वहीं अब यूरिया भी पर्याप्त मात्रा में किसानों को नहीं मिल पा रहा है। नारनौल सरकारी बिक्री केंद्र पर पिछले 15 दिनों से यूरिया नहीं है तो नांगल चौधरी में एक माह से यूरिया खाद नहीं पहुंचा है। इस कारण किसान यूरिया के लिए दूसरे क्षेत्रों के बिक्री के चक्कर लगाने का मजबूर है, लेकिन उन्हें वहां भी यूरिया नहीं मिल पा रहा है।
विभागीय अधिकारी गत दिवस खोरी में लगे यूरिया के रैक से जिले में 200 टन के करीब यूरिया मिलना बता रहे हैं। जिसमें नारनौल को 560 व अटेली को 500 के करीब यूरिया के बैग मिले है। जोकि दोपहर को सरकारी बिक्री केंद्रों पर पहुंच गए हैं। मगर क्षेत्र में किसानों की मांग को देखते हुए यह बैग काफी कम हैं, क्योंकि गत 1 एक जनवरी को नारनौल सरकारी बिक्री केंद्र पर 1120 यूरिया बैग पहुंचे थे। जो मात्र 8 से 10 दिन में ही बिक्री हो गए। वहीं शुक्रवार और शनिवार को क्षेत्र में हुई बारिश के बाद किसानों को यूरिया की आवश्यकता होने लगी है। मगर उन्हें यूरिया नहीं मिल पा रहा है।
बता दें कि जिले में अगस्त व सितंबर में रवि फसल की बिजाई के दौरान डीएपी खाद की भारी किल्लत बनी रही। मगर प्रशासन व सरकार लाख प्रयासों के बाद भी किसानों को पर्याप्त डीएपी खाद उपलब्ध नहीं करवाया पाया। जिस कारण प्रशासन को किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा तो खाद पहुंचने पर उसका वितरण करवाने में भी प्रशासन के पसीने छूट गए थे। अब दोबारा से यहीं हालात बनने की संभावना दिखाई दे रही है, क्योंकि किसानों को डीएपी के बाद अब पर्याप्त यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र में गत 10 जनवरी के बाद रविवार को मात्र 560 यूरिया के बैग पहुंचे है। इससे पूर्व 1 जनवरी को दो ट्रकों में 1120 यूरिया के बैग पहुंचे थे। जोकि 8 से 10 दिन में बिक्री हो गए थे। वहीं अब गत दो दिनों के दौरान हुई बारिश के बाद यूरिया की डिमांड काफी बढ़ने की संभावना है।
अब तक 12 हजार यूरिया बैग हुए वितरित
नारनौल अनाज मंडी स्थित सरकारी बिक्री केंद्र के सेल्समैन रामेेश्वर यादव के अनुसार अब तक 12012 हजार यूरिया के बैग बिक्री किए गए है। यह यूरिया खाद गत एक-दो माह के दौरान किसानों को वितरित की गई है। मंडी स्थित सरकारी बिक्री केंद्र पर 1 जनवरी को 1120 बैग यूरिया के पहुंचे थे। जिन्हें 2 से 5 बैग प्रति किसान डिमांड अनुसार वितरित किए गए। रविवार को 560 यूरिया बैग पहुंचे है। जिन्हें सोमवार को किसानों को उपलब्धता के अनुसार वितरित किया जाएगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान अनुसार, जिले में 21 व 22 जनवरी को हलकी व मध्यम बारिश दर्ज की गई है। बारिश होने के साथ ही किसानों को खाद की आवश्यकता पड़ने लगी है। अनेक किसान को फसलों सिंचाई के बाद यूरिया की जरूरत है। हैफेड अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को लगे रैक से जिले को 200 टन के करीब यूरिया मिला है। जोकि रविवार को विभिन्न बिक्री पर पहुंचेगा।
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डीएपी के बाद किसानों को यूरिया भी पर्याप्त नहीं मिल पा रहा है। किसान सिंचाई के बाद अपनी फसलों में यूरिया का छिड़काव करना चाहता है, लेकिन पर्याप्त यूरिया नहीं मिलने से उन्हें परेशानी हो रही है।
- ग्यारसी लाल।
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बारिश के बाद किसानों को यूरिया की जरूरत है। मगर बिक्री केंद्रों पर पिछले कई दिनों से यूरिया का स्टॉक नहीं आया है। जिस कारण वे अपनी फसलों यूरिया का छिड़काव नहीं कर पा रहे हैं।
- प्रवीण कुमार।
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अच्छी पैदावार के लिए सिंचाई के बाद यूरिया का छिड़काव किया जाता है। यूरिया के लिए कई बार बिक्री के चक्कर लगाए है। मगर पर्याप्त यूरिया नहीं उपलब्ध हो पाया।
-दाताराम।
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बिजाई के दौरान डीएपी किल्लत बनी थी। अब यूरिया की किल्लत बनने लगी है। जबकि सरकार व प्रशासन को किसानों को समय पर पर्याप्त डीएपी व यूरिया उपलब्ध करवाना चाहिए।
- जयसिंह।
वर्जन-
शनिवार को लगे रैक में जिला महेंद्रगढ़ 200 टन के करीब यूरिया मिला है। जिसे रविवार को विभिन्न सरकारी बिक्री पर पहुंचाया जा रहा है। सोमवार को सभी केंद्रों पर यूरिया का वितरण किया जाएगा। किसानों को यूरिया की कमी नहीं होने दी जाएगी।
- रामकुवार, डीएम हैफेड नारनौल।