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Mahendragarh-Narnaul News: किसानों को तीन-चार घंटे लाइन में खड़े होने के बाद मिल रही यूरिया

Wed, 16 Jul 2025 11:38 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो नंबर- 14नारनौल में सरकारी खाद केंद्र पर लाइन में लगे किसान। संवाद
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नारनौल। बारिश होते ही यूरिया की मांग बढ़ गई है। इसकी वजह से किसान सुबह 7 बजे से ही खाद बिक्री केंद्र पर पहुंच जा रहे हैं। महिलाएं भी यूरिया के लिए लाइनों में लगने को मजबूर हैं। तीन-चार घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद ही यूरिया मिल रही है।
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नारनौल कोऑपरेटिव सोसाइटी को मंगलवार रात 500 बैग(एक बैग में 45 किलो यूरिया) और मिले। इसके लिए दूर-दराज गांव से सुबह ही किसान सोसाइटी पर एकत्रित होने शुरू हो गए थे। कोऑपरेटिव सोसाइटी पर विभाग से संदेश आने में देरी के कारण करीब डेढ़ घंटे बाद खाद वितरण शुरू हो पाया। इस कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं कोऑपरेटिव सोसाइटी पर खाद की सीमित उपलब्धता और किसानों की अधिक भीड़ के कारण एक आधार कार्ड से केवल दो बैग यूरिया के दिए गए। इस कारण उन किसानों को सबसे अधिक समस्या का सामना करना पड़ा, जिन्हें दो से अधिक यूरिया बैग की आवश्यकता है। इन दिनों खाद की मांग इतनी जबरदस्त बनी हुई है कि सरकारी खाद केंद्र के अलावा निजी खाद केंद्र पर भी किसानों को लाइन में लगना पड़ रहा है। निजी खाद केंद्र पर किसान करीब 50 रुपये अधिक मूल्य में खाद खरीद रहे हैं।
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इंसेट

11 सरकारी खाद केंद्रों पर पहुंचा अब तक 20 हजार बैग यूरिया
जिले में महेंद्रगढ़, नारनौल, अटेली, कनीना में स्थित सोसाइटी सहित 11 सरकारी खाद केंद्रों पर खाद का वितरण किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार 11 सरकारी खाद केंद्रों पर अब तक करीब 20 हजार बैग यूरिया खाद पहुंच चुके हैं। वहीं नारनौल में अनाज मंडी स्थित सरकारी खाद केंद्र पर बीते तीन दिनों में 1500 बैग यूरिया पहुंची है। इसमें से अब तक करीब 1300 बैग यूरिया खाद का वितरण किया जा चुका है। शेष खाद का वितरण देर शाम तक जारी रहा।

सुबह 7 बजे कोऑपरेटिव सोसाइटी पर पहुंच गया था, ताकि स्टॉक खत्म होने से पहले खाद मिल सके। खाद वितरण का समय सुबह 9 बजे निर्धारित किया गया है, लेकिन विभाग द्वारा संदेश आने में देरी के कारण खाद वितरण करीब 10.30 बजे शुरू हो पाया। - भूप सिंह, गांव सेका
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शहर के बीच स्थित अनाज मंडी में सरकारी खाद केंद्र है, लेकिन खाद केंद्र के आसपास न पेयजल की व्यवस्था और न ही धूप से बचाव के लिए कोई इंतजाम किए गए हैं। इस कारण धूप में लाइन लगाकर खाद लेनी पड़ रही है।-वीरेंद्र सिंह, गांव नसीबपुर

सरकारी खाद केंद्र पर सीमित खाद आ रही है। इस कारण एक आधार कार्ड पर खाद के दो बैग दिए जा रहे हैं। प्रशासन से मांग है कि खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी किसान आवश्यकता अनुसार खाद प्राप्त कर सकें। -रमेश, गांव पटीकरा

वर्जन :
कोऑपरेटिव सोसाइटी पर यूरिया उपलब्ध। खाद की और खेप के लिए मांग उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। आवश्यकता अनुसार सभी केंद्रों पर खाद उपलब्धता बनी रहेगी। इससे किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
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प्रवीण भारद्वाज, जिला प्रबंधक, हैफेड, नारनौल।
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