नारनौल। खाद केंद्रों पर किसानों की लंबी लाइन लग रही है। इसकी वजह से घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। खाद लेने के लिए किसान सुबह 8 बजे ही खाद केंद्र पर पहुंच जाते हैं। किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े इसलिए टोकन दिया जाता है।
नारनौल की अनाज मंडी स्थित सरकारी खाद केंद्र पर बुधवार को डीएपी के दो हजार व एनपीके खाद के 500 बैग पहुंचे थे। इसमें से वीरवार को डीएपी के 389 बैग व एनपीके के 183 बैग वितरित किए गए थे। शुक्रवार को डीएपी के बैग व एनपीके खाद के बैग वितरित किए गए। डीएपी खाद के लिए 226, एनपीके 105 खाद के लिए 1400 और टीएसपी खाद के लिए 1300 रुपये मूल्य निर्धारित किए गए है।
इस बार रबी फसल के दौरान केवल वही लोग सरकारी खाद केंद्र से खाद प्राप्त कर सकते हैं। जिन्होंने एमएफएमबी पोर्टल पर पंजीकरण करवाया हुआ है। एक एकड क्षेत्र के लिए दो बैग खाद वितरित किया जा रहा है।
सुबह 8 बजे खाद केंद्र पर पहुंच गया था ताकि खाद के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़े लेकिन अधिक भीड़ होने के कारण दोपहर करीब 12 बजे खाद मिल पाया।-रतन सिंह, गांवपटीकरा
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निजी खाद केंद्र संचालक निर्धारित मूल्य पर खाद दे रहे हैं लेकिन खाद के साथ दवा भी दे रहे हैं। इसका मूल्य करीब 500 से है। इसलिए गांव से करीब 12 किलोमीटर दूर सरकारी खाद केंद्र से खाद लेने आया हूं।-घनश्याम, गांव गुवानी
वर्जन :
नारनौल, अटेली, कनीना और महेंद्रगढ़ के सरकारी खाद केंद्रों पर वितरण किया जा रहा है। चारों केंद्र पर डीएपी व टीएसपी के 2 हजार बैग और एनपीके के 500 बैग पहुंचाए गए हैं। खाद का वितरण सुचारू बना हुआ है, वहीं निजी खाद केंद्र पर खाद निर्धारित मूल्य पर दिया जा रहा है। वहीं, कोई निजी खाद केंद्र संचालक किसानों को खाद के साथ दवा खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अगर कोई निजी खाद केंद्र संचालक अतिरिक्त मूल्य लेता है या दवा खरीदने के लिए बाध्य करता है तो किसान इसकी शिकायत कृषि विभाग कार्यालय में कर सकते हैं।
संजय, गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक, कृषि विभाग, नारनौल।