महेंद्रगढ़। नरेला से सीकर तक बिछाई जा रही हाईटेंशन बिजली लाइन के टावरों को लेकर किसानों का विरोध बढ़ता जा रहा है। किसानों ने जमीन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीसी तरुण कुमार को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने जमीन की कीमत का 200 प्रतिशत मुआवजा देने की मांग की है।
विभिन्न गांवों के ग्रामीण समाजसेवी बलवान फौजी के नेतृत्व में एसडीसी कार्यालय पहुंचे। किसानों ने कहा कि बिजली लाइन और टावरों के लिए उनकी कृषि भूमि का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इसके बदले पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया जा रहा।
बलवान फौजी ने कहा कि जिन किसानों की जमीन पर टावर और बिजली लाइन लगाई जा रही है, उन्हें मौजूदा बाजार भाव के आधार पर मुआवजा दिया जाना चाहिए।
किसानों का कहना है कि टावर लगने के बाद जमीन का उपयोग प्रभावित होगा। वहीं, हाईटेंशन लाइन के कारण खेती करने में भी कई तरह की दिक्कतें आएंगी। इसलिए जमीन के वास्तविक मूल्य और भविष्य के नुकसान को ध्यान में रखकर मुआवजा तय किया जाए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से किसानों के साथ बातचीत कर समस्या का समाधान करने और मुआवजे को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और टावर व लाइन लगाने का काम रोकने के लिए आंदोलन किया जाएगा। किसानों ने कहा कि उचित मुआवजा मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
किसानों की कृषि योग्य भूमि में से हाईटेंशन बिजली के टावर व लाइन डाली जा रही है। किसानों को बिना पूछे ही उनके जमीन का वास्तविक मूल्य न लगाकर डीसी रेट के हिसाब से किया जा रहा है। उनकी जमीन का रेट मार्केट रेट के हिसाब से मुकावजा दिया जाए।-
वेदप्रकाश आर्य, दौंगडा अहीर
उनकी जमीन पर टावर व लाइन डाली जा रही है। इसको लेकर एसडीसी को मांग पत्र सौंपा गया है। 25 गावों के किसानों के खेतों में से टावर लगाए जा रहे है। उन्हें मुआवजा मार्केट रेट के हिसाब से दिया जाएगा। उन्हें सरकार से उनकी मांग को पूरा किया जाए।
-शीशराम, सुरजनवास
-
वर्जन:
किसानों की शिकायत पर मामले का संज्ञान लिया और किसानों को जल्द ही उचित समाधान एवं आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।-तरुण कुमार पवारिया, एडीसी, महेंद्रगढ़
फोटो संख्या:73- कृषि योग्य भूमि का मुआवजा को लेकर एडीसी से मिलते विभिन्न गांवों के किसान--स- फोटो : 1
फोटो संख्या:73- कृषि योग्य भूमि का मुआवजा को लेकर एडीसी से मिलते विभिन्न गांवों के किसान--स- फोटो : 1