युवाओं को भी दे रहे प्रशिक्षण
योगेंद्र यादव ने बताया कि फार्म पर सफेद बटन, पिंक ओयेस्टर, व्हाइट ओयेस्टर, मिल्की व ऋषि मशरूम सहित सात प्रकार की वैरायटी तैयार की जा रही हैं। जब लंबे समय तक मशरूम को सुरक्षित रखना चुनौती बना तो उत्पादन बनाना शुरू कर दिया। मशरूम से सात प्रकार की नमकीन, तीन प्रकार के बिस्किट, लड्डु, अचार, सूखा पाउडर बनाना शुरू कर दिया। इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ती रही तो खुद प्रोडेक्ट बनाने के लिए यूनिट स्थापित कर दी। मशरूम यूनिट पर दस से अधिक महिलाओं को रोजगार भी दिया है। साथ ही बेटा विनय व विहान तथा पत्नी ममता भी सहयोग कर रहे हैं। योगेंद्र यादव द्वारा फार्म पर प्रतिमाह करीब 50 युवाओं को भी मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देकर तैयार किया जा रहा है।
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