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जान दें देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे

Mon, 05 Dec 2016 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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 निजामपुर के पास प्रस्तावित लॉजिस्टिक हब तीन गांवों के किसानों के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। भले ही अभी हब का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ हो, लेकिन हब के लिए किसानों की जबरदस्ती से अधिकृत की गई जमीन ने धरती पुत्र के पसीने छुड़ा रखे हैं। हालात यह हैं कि खेती बाड़ी को भूलकर बेबस किसान अपनी जमीन को बचाने के लिए गांव से जिला मुख्यालय के चक्कर लगा रहे है। जब कही सुनवाई नहीं हुई तो हताश किसानों ने गांव में ही रविवार को सरकार व हलका विधायक के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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इस संबंध में गांव बसीरपुर, घाटाशेर व तलोट के किसान महावीर, लालचंद, सुरेंद्र, दलीप, राजेंद्र, हरफुल, धर्मपाल, दलीप, बलबीर, सुरत सिंह, मौजीराम, ओमप्रकाश, लालचंद सहित सैकड़ों किसानों ने कहा कि हम जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे। उन्होंने बताया कि वे सब खेती बाड़ी करने वाले जमींदार हैं और रोजी रोटी के लिए खेती ही हमारा आधार है।  उन्होंने बताया कि अगर हमारी जमीन को अधिकृत कर लिया गया तो हमारे पास हमारी आजीविका व हमारे पशुओं के चारे के लिए इसके सिवाय कोई समाधान नहीं है। यहां के युवा व ग्रामीण रोजगार के हिसाब से पहले से ही काफी पिछड़े हुए है। वहीं दूसरी तरफ विधायक के साथ जिला प्रशासन भी जबरदस्ती उनकी उपजाऊ जमीन को अधिकृत करने के लिए उतारू हो रहे हैं। जिसके कारण उनकी रात की नींद व दिन का चैन उड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी जमीन बहुत ही उपजाऊ जमीन है। और वे अपने जमीन को किसी भी कीमत पर नहीं देना चाहते। अगर सरकार ने उनके साथ जबरदस्ती करके जमीन अधिकृत की तो वे मजबूर होकर धरने प्रदर्शन व अन्य सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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