निजामपुर। सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के दावों के बीच गांव दनचौली के रमेश का मामला सामने आया है। उनका पीला राशन कार्ड पिछले करीब तीन वर्षों से कटा हुआ है। कार्ड दोबारा बनवाने के लिए वह निजामपुर स्थित बीडीपीओ कार्यालय से लेकर नारनौल तक अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
रमेश के अनुसार, राशन कार्ड कटने के बाद उन्होंने इसे दोबारा बनवाने के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द सुनवाई होगी और परिवार को राहत मिलेगी, लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी उनका कार्ड दोबारा नहीं बन पाया।
सरपंच प्रतिनिधि जोगिंदर ने बताया कि यह मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आया था। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पहले जानकारी मिलती तो वह राशन कार्ड बनवाने के लिए पूरी कोशिश करते।
तीन साल से इंतजार, आखिर कब बनेगा कार्ड?
राशन कार्ड जरूरतमंद परिवारों के लिए सरकारी खाद्य वितरण व्यवस्था का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में लंबे समय तक कार्ड नहीं बनने से पात्र परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रमेश का कहना है कि वह कई स्तरों पर अपनी समस्या उठा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।