नारनौल। पारिवारिक न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश सोनिका ने कन्हैयालाल और सुमन बाला की तलाक याचिका को मंजूर कर दिया है। न्यायालय ने दोनों पक्षकारों की सहमति से तलाक की डिक्री पारित की।
उनका विवाह वैचारिक मतभेदों और आपसी सामंजस्य की कमी के कारण टूट गया था। वे 15 नवंबर 2021 से अलग रह रहे थे, पुनर्मिलन की कोई संभावना नहीं थी। याचिका 20 जुलाई 2026 को दायर हुई। हिंदू विवाह अधिनियम में 6 महीने की अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि होती है।
पक्षकारों ने सर्वोच्च न्यायालय के अमरदीप सिंह बनाम हरवीन कौर (2017) मामले का हवाला देकर अवधि माफ करने का आवेदन दिया। न्यायालय ने पाया कि विवाद सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझ चुका था। वित्तीय लेनदेन और अन्य दावे समाप्त हो गए थे। विवाह पूरी तरह टूट चुका था। अदालत ने प्रतीक्षा अवधि समाप्त कर तलाक का अंतिम आदेश जारी किया।