फोटो संख्या:79- गांव झुक के खेत में उगी गेंहू की फसल--संवाद
- फोटो : नगला मानसिंह में 8 फुट का मगरमच्छ ग्रामीणों की सहायता से वाइल्ड लाइफ वह एसओएस की टीम ने पकड़ा।
महेंद्रगढ़। तीन दिन से मौसम में आए बदलाव से तापमान में हुई गिरावट फसलों के लिए लाभदायक है। इस बार फरवरी के प्रथम पखवाड़े के दौरान तापमान की अधिकता के कारण गेहूं की फसल में उत्पादन प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा था। लेकिन हल्की बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट से फसलों को लाभ मिलेगा।
फरवरी के प्रथम पखवाड़े में अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री चल रहा है। तापमान की अधिकता के कारण गेहूं की फसल की बढ़वार प्रभावित हो गई थी। दिन के समय में धूप तेज होने के कारण तय समय से पहले ही गेहूं में बालियां आनी शुरू हो गई हैं। हल्की बूंदाबांदी के तापमान में आई गिरावट से एक सप्ताह तक अधिकतम तापमान में गिरावट की संभावना है जो दोनों ही फसलों के लिए लाभदायक है। सरसों की अगेती फसल में फलियों में दाना पकना भी शुरू हो चुका है। जबकि गेहूं में बालियां आनी शुरू हो चुकी हैं। जिला में इस बार 365450 एकड़ में हैं फसलें हैं। सरसों 2.65 लाख एकड़, 80 हजार एकड़ में गेहूं तथा 17500 एकड़ में चना की फसल है। वहीं 950 एकड़ में जौ तथा दो हजार एकड़ में पशुचारा है।
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- वर्जन:
क्षेत्र में 26 फरवरी तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। 24 व 26 फरवरी को एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभावों के कारण मौसम में बदलाव व तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना रहेगी। हवाओं में बदलावों के कारण आंशिक बदलवाई भी रहेगी।
- डॉ. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ एवं नोडल अधिकारी पर्यावरण क्लब।