महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन। संवाद
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दिल्ली और बीकानेर रेलवे जोन के अधिकारियों में तालमेल की कमी के कारण महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लोगों को ट्रेने में यात्रा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अगर आप अनारक्षित डिब्बे में यात्रा करना चाहते हैं तो सिर्फ रेवाड़ी तक ही कर सकते हैं, क्योंकि उसके आगे दिल्ली जोन होने कारण इन ट्रेनों में अनारक्षित टिकट पर यात्रा करने की व्यवस्था नहीं है। महेंद्रगढ़ से दिल्ली जाने वाली इन तीनों ट्रेनों में दो-दो डिब्बे अनारक्षित के हैं। इन ट्रेनों में दिल्ली तक अनारक्षित डिब्बे में यात्रा नहीं कर पाने की सुविधा से महेंद्रगढ़ के लोगों में रोष पाया जा रहा है। वहीं कोरोना के कारण लॉकडाउन में बंद की गईं ट्रेनोें के 15 दिन में नहीं चलाने पर दैनिक रेलयात्री महासंघ ने स्टेशनों पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
दैनिक रेलयात्री महासंघ के अध्यक्ष रामनिवास पटोदा ने बताया कि शाम को सीकर-दिल्ली, भगत की कोठी-दिल्ली, दोपहर में बीकानेर से दिल्ली जाने वाली तीन ट्रेनों में दो-दो डिब्बे अनारक्षित के लगाए गए हैं। रेवाड़ी तक बीकानेर रेलवे जोन है तो उसके बाद दिल्ली का। तीनों गाड़ियों में अनारक्षित डिब्बों में यात्रा करने की सुविधा रेवाड़ी तक ही है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा यात्रियों को दिल्ली तक दी जानी चाहिए। वापसी में दिल्ली से सीकर, दिल्ली से भगत की कोठी, दिल्ली से बीकानेर, दिल्ली से गंगानगर, दिल्ली से जोधपुर तक सभी गाड़ियों में अनारक्षित टिकट की सुविधा चालू की जाए।
पाटोदा ने कहा कि बीकानेर और दिल्ली जोन इस क्षेत्र के साथ लंबे समय से भेदभाव कर रहे हैं। अगर यह गाड़ियां अनारक्षित हो जाती हैं तो रेलवे की कई गुना आमदनी बढ़ जाएगी और यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। महेंद्रगढ़ शहर से दिन में दिल्ली व गुरुग्राम के लिए न तो बस है और न ही ट्रेन। यात्रियों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होेंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान रेलवे ने महेंद्रगढ़-रेवाड़ी रूट पर चलने वाली छह ट्रेनोें का संचालन बंद कर दिया था। अब ट्रेनोें का संचालन दोबारा से शुरू कर दिया है, लेकिन इस रूटों पर अधिकारियों की अनदेखी के चलते बंद ट्रेनों को दोबारा से चालू नहीं किया गया है। उन्होेंने कहा कि अगर 15 दिन में बंद ट्रेनों को नहीं चलाया गया हो सभी रेलवे स्टेशनों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।