महेंद्रगढ़। दक्षिण हरियाणा के पांच जिलों को फायदा पहुंचाने वाले हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र भवन का निर्माण पूरा नहीं होने से पशुपालकों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2016 में इस केंद्र की घोषणा की गई थी। वर्ष 2018 में 7.20 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का भवन निर्माण शुरू हुआ था। तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी गांव रिवासा में बनाए जा रहे पशु विज्ञान केंद्र भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। भवन निर्माण 2020 में पूरा होना था। अभी तक रोड, सीवरेज, पानी तथा लाइट का काम पूरा नहीं हो पाया है। अभी तक चहारदीवारी का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। पिछले 5 साल से यह केंद्र रिवासा गांव के पंचायत घर में चलाया जा रहा है।
गांव रिवासा की दस एकड़ पंचायत भूमि पर सरकार की ओर से पशु विज्ञान केंद्र का भवन बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने वर्ष 2016 में आयोजित रैली में हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र के भवन के लिए एलान किया था। इस पशु विज्ञान केंद्र से महेंद्रगढ़, नारनौल, दादरी, रेवाड़ी, नूंह, दादरी,गुरुग्राम जिले के पशु पालकों को फायदा मिलना था। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय से संबंधित इस पशु विज्ञान केंद्र का निर्माण तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था। मार्च 2018 में तत्कालीन शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने भूमि पूजन किया था। मार्च 2020 तक यह बनकर तैयार होना था। 2020 में कोरोना के कारण इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन को छह महीने का विस्तार दे दिया गया। इसके बाद इसे दिसंबर 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया। तीन महीने अधिक हो जाने के बाद भी भवन का काम पूरा नहीं हो सका है। अभी तक चहारदीवारी का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। परिसर में रोड, सीवरेज, लाइट कनेक्शन, मुख्य द्वार तथा पानी की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। भवन निर्माण का काम भी 70 प्रतिशत ही पूरा हो सका है।
एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं
वर्तमान में पशु विज्ञान केंद्र रिवासा पंचायत भवन में चल रहा है। इस भवन में जगह पूरी नहीं होने की वजह से पशुपालकों के मवेशियों के इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। पंचायत भवन में टीनशेड तक नहीं है। जिस कारण सर्दी, बरसात, गर्मी के मौसम में बीमार पशुओं को खुले में रखा जाता है। केंद्र में अभी एक्सरे, अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी नहीं है।
प्रशासनिक भवन का काम अधूरा
इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 7.20 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें प्रशासनिक भवन, ऑपरेशन थियेटर, कॉन्फ्रेंस रूम, मिनी ओटी, लैब, स्टोर बनाए जा रहे हैं। यहां 9 क्वार्टर बनाए जा रहे हैं। इनमें चार क्वार्टर चिकित्सक, एक रीजनल डायरेक्टर, दो क्वार्टर तृतीय श्रेणी तथा दो क्वार्टर चतुर्थ श्रेणी के बनाए जा रहे हैं। अभी तक कोई भी भवन पूरा नहीं हो सका।
इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2020 में पूरा होना था। लॉकडाउन के कारण छह महीने काम बंद रहा। हम इस प्रोजेक्ट जून 2021 तक पूरा कर देंगे। पहले चरण में छह करोड़ रुपये अस्टिमेट भेजा गया है, जिसमें पार्किंग और रोड का बजट नहीं है।
मुकुल गुप्ता, साइट इंचार्ज, महेंद्रगढ़।
नियमों के अनुसार प्रोजेक्ट को पूरा कराया जाएगा। इस बारे में उच्च अधिकारियों से भी लगातार विमर्श किया जा रहा है। भवन निर्माण पूरा होने के बाद पशु पालकों को आधुनिक चिकित्सा सुविधा दे सकेंगे।
डॉ. अभय सिंह यादव, क्षेत्रीय निदेशक, हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र, महेंद्रगढ़