अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते अनुबंध अध्यापक
आल हरियाणा एक्सटेंशन लेक्चरर्स एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को जिले के 7 कालेजों के अनुबंधक प्राध्यापकों ने सोमवार को सामूहिक अवकाश पर रहे। वहीं उन्होंने सरकार से यूजीसी की शर्तों के अनुसार उन्हें 1000 रुपए प्रति पीरियड मेहनताना देने एवं एडहॉक बेसिस पे फिक्स करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम तहसीलदार ईश्वर सिंह को ज्ञापन सौंपा।
एक्सटेंशन प्राध्यापक गिरीश कुमार, श्रवण शर्मा, प्रवीण यादव, नीलम, ज्योति, नीतू, रमन, नेहा यादव, रवि कुमार, पूजा, सुमन, डा.मनप्रीत व डा. बजरंग आदि ने मुख्यमंत्री को प्रेषित किए अपने मांग पत्र में बताया कि प्रदेश की विभिन्न कालेजों में करीब 2500 से अधिक एक्सटेंशन लेक्चरर कार्यरत हैं। इन लेक्चर्रर को 250 रुपए प्रति पीरियड और एक दिन में अधिकतम 4 पीरियड मिलते हैं। इस प्रकार उनकी मासिक सैलरी 18 हजार रुपए महीना बनती है, लेकिन छुट्टियां आ जाने के कारण उन्हें साल में केवल 7 से 8 महीने ही काम मिल पाता है। ऐसे में साल भर की सैलरी के हिसाब से उन्हें 200-300 रुपए प्रतिदिन मिल जाते हैं। जो एक मजदूर की मजदूरी से भी कम बनता है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट भी सरकार को एक्सटेंशन लेक्चर्रर को यूजीसी की शर्तों के अनुरुप 1000 रुपए प्रति पीरियड/एडहॉक बेसिस पे फिक्स करने संबंधी पिछले महीने निर्देश जारी कर चुका है लेकिन अभी तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया है। इससे एक्सटेंशन लेक्चर्रर में भारी रोष है। इसी रोष के चलते आज प्रदेश भर के एक्सटेंशन लेक्चर्रर ने सामूहिक अवकाश पर रह कर अपनी नाराजगी जताई है तथा सरकार से उनकी मांगों को अविलंब लागू करवाने की मांग की है।
एक्सटेंशन लेक्चरर की प्रमुख मांगे
एक्सटेंशन शब्द को हटा कर असिस्टेंट प्रोफेसर/गेस्ट टीचर पदनाम दिया जाए। दिल्ली, चंडीगढ़ एवं पंजाब की तर्ज पर उनका वेतनमान निर्धारित किया जाए। साल भर पूरा काम दिया जाए। जिस पद पर एक्सटेंशन लेक्चर्रर कार्यरत हैं वहां तबादले न किए जाएं। एक्सटेंशन कार्यरत पदों को खाली न समझा जाए। अनुभव प्रमाण पत्र वर्तमान पीरियड को आधार न मान कर पूरे सेशन का दिया जाए। सभी एक्सटेंशन लेक्चर्रर की हाजिरी का रिकार्ड विभाग रखे अथवा बायोमीट्रिक हाजिरी लगवाई जाए।