फोटो संख्या:69- विशेषज्ञ वक्ता को स्मृति चिह्न भेंट करते विभागीय शिक्षक--स्रोत- हकेंवि
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ के समाजशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय व्याख्यान शृंखला का शुक्रवार को समापन किया गया। इसका उद्देश्य प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन और प्रेरणा करना है।
आयोजन में मुख्य वक्ता महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के प्रो. खजान सिंह सांगवान ने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारियों में समाजशास्त्र की भूमिका पर केंद्रित व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि यूपीएससी पाठ्यक्रम का लगभग चालीस प्रतिशत भाग सीधे तौर पर समाजशास्त्र से जुड़ा हुआ है। उन्होंने विषय की गहरी समझ को प्रशासनिक सेवाओं के लिए आवश्यक बताया। मनु कादियान ने उत्तर लेखन के प्रभावी तरीकों पर प्रकाश डाला और सिविल सेवा परीक्षा की तीन चरणों की संरचना को समझाया। उन्होंने साक्षात्कार के दौरान जीवंत व्यक्तित्व बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। आयोजन के अंतिम दिन प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित किया गया जिसमें वैकल्पिक विषय के रूप में समाजशास्त्र, सिविल सेवा एप्टीट्यूड टेस्ट की रणनीतियों और मौलिक विचारधारा के विकास पर चर्चा की गई। आयोजन में डॉ. रीमा गिल, कश्मीरा सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।