मंडी अटेली/नारनौल। क्षेत्र की मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद ने अब रफ्तार पकड़ने लगी है लेकिन अधिक नमी किसानों के लिए परेशानी बनती जा रही है। वीरवार को मंडी में लाई गई सरसों की तीन ढेरियां केवल नमी अधिक होने के कारण रिजेक्ट कर दी गईं। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा।
शुक्रवार को मंडी अटेली में पहली बार सरकारी खरीद में सरसों की रिकॉर्ड आवक दर्ज की गई। कुल 26 गेटपास जारी किए गए और करीब 1300 क्विंटल सरसों मंडी में पहुंची। इससे पहले वीरवार को 28 दिन बाद सरकारी खरीद शुरू हुई थी जिसमें 167 क्विंटल सरसों की खरीद की गई थी।
सरकारी खरीद के दौरान हैफेड के डीएम प्रवीण भारद्वाज ने मंडी का दौरा कर सरसों की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप ही फसल की खरीद सुनिश्चित की जाए।
अब 42 प्रतिशत लैब की सरसों का भाव ही करीब 6500 रुपये है जबकि इससे कम गुणवत्ता पर व्यापारियों की ओर से 120 से 150 रुपये प्रति क्विंटल तक कटौती की जा रही है। इसी कारण अब किसान सरकारी खरीद की ओर रुख कर रहे हैं।
अटेली मंडी में वीरवार को 800 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई जिससे कुल खरीद 10,380 क्विंटल तक पहुंच गई है। दो दिनों में अटेली में 1460 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद हो चुकी है।
वहीं, नारनौल मंडी में शुक्रवार को 37 गेटपास जारी किए और 1050 क्विंटल सरसों की आवक हुई। इसमें से 30 किसानों ने करीब 800 क्विंटल सरसों व्यापारियों को बेची जबकि 7 किसानों ने 250 क्विंटल सरसों सरकारी खरीद में दी।
अब तक यहां 980 क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है। इसके अलावा अटेली में पिछले 9 दिनों में करीब 5400 क्विंटल गेहूं और नारनौल में लगभग 800 क्विंटल सरसों का उठान किया जा चुका है।
वर्जन :
सरसों व गेंहू की सरकारी खरीद सुचारू रूप से की जारी है। किसानों से अपील है कि सरसों को अच्छी तरह से सुखा कर मंडी लाए ताकि नमी अधिक होने के कारण परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
प्रवीण भारद्वाज, जिला प्रबंधक, हैफेड, नारनौल।