महेंद्रगढ़। 35 वर्ष की उम्र से अधिक हर दूसरा व्यक्ति गैस की समस्या से परेशान है। घटते शारीरिक श्रम, लंबी बैठक व असंतुलित खानपान से लगातार गैस की समस्या बढ़ रही है। नागरिक अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में 300 से अधिक पेट की गैस संबंधित मरीज पहुंच रहे है। पेट में गैस बनने की समस्या होना आज के समय में आम बात हो गई है।
अधिकतर लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। इसकी मुख्य वजह असंतुलित खानपान और प्रतिदिन शारीरिक रूप से श्रम नहीं करना है। अधिक देर तक बैठे रहने से गैस बनने की समस्या का सामना अन्य लोगों की तुलना में अधिक करना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिदिन घंटों बैठे रहने से शरीर की पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है जिसके कारण भोजन पूरी तरह से नहीं पचता, इसका असर गैस बनने की समस्या के रूप में दिखना शुरू हो जाता है। गैस बनने से सिर में दर्द, हल्के चक्कर आना, जी घबराना व अन्य प्रकार की समस्याएं होने लगती हैं।
इस तरह करें बचाव
विशेषज्ञों के अनुसार गैस बनना, जलन, एसिड बनने की समस्या प्राथमिक चरण की गैस से संबंधित समस्याएं हैं। गैस की समस्या से बचने के लिए दिनचर्या में शारीरिक श्रम को अवश्य शामिल करना चाहिए। सुबह खाली पेट चाय के सेवन करने से समस्या अधिक बढ़ रही है। साथ ही फास्टफूड व तली हुई चीजों का प्रयोग भी इस समस्या को बधिक बढ़ा रहा है। घंटों तक काम में व्यस्त होने के कारण अनेक लोग शारीरिक जरूरत के अनुसार पानी भी नहीं पीते जो परेशानी को बढ़ा देता है। वहीं केला, पपीता, सेब, चीकू, अंगूर, अमरूद का सेवन इस समय से काफी हद तक छुटकारा दिला सकता है। गैस के कारण ही सीने में जलन व एसिड बनने की समस्या अधिक बढ़ जाती है। तली-भूनी, फास्टफूड, मैदा से बने खाद्य पदार्थों से यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है।
पानी का अधिक सेवन करते रहें। सुबह उठते समय खाली पेट चाय का सेवन ना करें यह गैस समस्या का प्रमुख कारण है। सुबह प्रतिदिन सैर के लिए जाएं और व्यायाम करें। फास्टफूड का प्रयोग कम से कम कमरें। तली-भूनी व मैदा से बनी हुई खाद्य पदार्थ का कम प्रयोग करें। जो अधिक समय तक कुर्सी पर बैठते है समय-समय पर टहलते रहे व अधिक पानी का प्रयोग करें। नियमित रूप से शारीरिक श्रम को दिनचर्या में अवश्य शामिल करें।
डाॅ. अभिषेक सैनी, आरएमओ, नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़।