नारनौल। बारिश के बावजूद लोगों को पेयजल संकट से कोई राहत नहीं मिली है। शहर और आसपास के इलाकों में पानी की भारी कमी बनी हुई है। विभागीय जानकारी के अनुसार नहरी पानी एक जून तक पहुंचने की संभावना जताई गई है जिसके बाद ही स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
फिलहाल कई मोहल्लों और नांगल चौधरी क्षेत्र के गांवों में नियमित पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। लोग अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए पानी के टैंकर मंगवा रहे हैं और कुओं से पानी भरने को मजबूर हैं। सुबह से ही लोग पानी के लिए लाइन लगाते और इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं।
रेवाड़ी रोड स्थित जलघर के सभी वाटर टैंक खाली हो चुके हैं जहां अब केवल छह ट्यूबवेलों के सहारे सप्लाई चलाई जा रही है। वहीं, नसीबपुर जलघर से शहर में करीब 80 प्रतिशत हिस्से को पानी सप्लाई होती है लेकिन वहां मात्र दो दिन का पानी शेष बचा है।
स्थिति को देखते हुए विभाग ने पानी की राशनिंग शुरू कर दी है। पहले जहां एक दिन छोड़कर लगभग एक घंटे पानी मिलता था, अब यह समय घटकर 35 से 40 मिनट रह गया है। कई बूस्टिंग स्टेशनों पर समय पर पानी नहीं पहुंचने से सप्लाई का कोई तय समय भी नहीं रह गया है।
शहर के देवस्थान, काबिला संघीवाड़ा, रेवाड़ी रोड, सिंघाना रोड, सलामपुरा, बावड़ीपुर, खड़खड़ी, प्राणपुरा, नलापुर, प्रताप नगर कॉलोनी, जमालपुर और माली टीब्बा सहित कई इलाकों में पेयजल संकट लगातार बना हुआ है।
विधायक मांग रहे मदद
नांगल चौधरी क्षेत्र में भीषण पेयजल संकट को लेकर विधायक मंजू चौधरी ने चंडीगढ़ जनस्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से भी मुलाकात की। विधायक ने बताया कि नांगल चौधरी के गांव नायन, थनवास, निजामपुर, मारौली, नांगतिहाड़ी, दताल, नांगल चौधरी शहर, शाहबाजपुर, दोस्तपुर, भेडंटी, दोखेरा, मूसनोता, पांचनौता, ढाणी रावता, गोलवा, नांगल दर्गू, बायल, नारडी, मोखूता, बामनवास न्यू, गोद, बलाहा कलां और बलावा खुर्द में गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है।
वर्जन:
फिलहाल शहर के सभी मोहल्लों में पानी सप्लाई किया जा रहा है। नहरी पानी नहीं आने के कारण विभाग की ओर से राशनिंग जरूर की जा रही है। जैसे ही नहरी पानी आ जाएगा पानी का सिस्टम ठीक हो जाएगा। -
नरेश चंदेला। कनिष्ठ अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग, नारनौल