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लॉजिस्टिक हब के लिए पांच वर्ष बाद भी पूरी जमीन का नहीं हो सका अधिग्रहण

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लॉजिस्टिक हब। फाइल फोटो - फोटो : Narnol
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नांगल चौधरी हलके के गांव तलोट, बसीरपुर व घाटाशेर में करीब 1200 एकड़ जमीन पर बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य पांच साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। हालांकि 70 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, पर मुआवजे को लेकर 30 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण अटका हुआ है।
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लॉजिस्टिक हब के निर्माण के लिए पहले चरण की जमीन अधिगृहीत हो चुकी है। हब का निर्माण कार्य भी शुरू किया जा चुका है। उसके लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, पानी व सड़क का कार्य प्रगति पर है, मगर कुछ जमीन पर मुआवजा के लिए किसानों व विभाग के बीच सहमति नहीं बन रही है। इससे जमीन अधिग्रहण का मामला कोर्ट में चला गया है। जिससे यह अटक गया है। लॉजिस्टिक हब के लिए कुल 1200 एकड़ में से 860 एकड़ के करीब जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, जबकि 30 प्रतिशत बाकी है।
बता दें कि लॉजिस्टिक हब जिले का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इसके निर्माण पर न केवल नांगल चौधरी के विधायक बल्कि सरकार की भी नजर है। कुछ समय पहले उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भी संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ लॉजिस्टिक हब के निर्माण को लेकर समीक्षा बैठक की थी, पर उसकी बची हुई जमीन का अधिग्रहण का मामला अभी तक सुलझ नहीं पाया है। जिसकी वजह से इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के शुरू होने का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
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लॉजिस्टिक हब के तहत कंटेनर डिपो बनाने की है योजना
सामान की ढुलाई के लिए दिल्ली-मुंबई डेडिकेटेड फ्रेड रेल कारीडोर बनाया गया है। जोकि अटेली, नारनौल व निजामपुर होकर गुजर रहा है। लॉजिस्टिक हब के तहत सर्वप्रथम इस कारीडोर पर कंटेनर डिपो बनाने की योजना है। इसके लिए 1200 एकड़ के करीब जमीन चिह्नित की गई है। इस जमीन पर बनने वाले कंटेनर डिपो पर सामान की लोडिंग-अनलोडिंग की जाएगी। इसके बाद इससे संबंधित औद्योगिक इकाइयां भी विकसित की जा सकेंगी। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
लॉजिस्टिक हब के निर्माण से सृजित होंगे रोजगार के अवसर
निजामपुर क्षेत्र मे बनने वाले लॉजिस्टिक हब के निर्माण के बाद निश्चित रूप से बड़ी औद्योगिक इकाइयां यहां स्थापित होंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। जिस पर जिले के युवाओं को अपने गृह क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। इस लॉजिस्टिक हब के लिए रेल कॉरिडोर का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, मगर पांच साल पहले शुरू हुए इस हब के कार्य को तेजी से पूरा करने में कई बाधाएं आ रही हैं।
लॉजिस्टिक हब के लिए पहले फेज की जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। लॉजिस्टिक हब के लिए बिजली, पानी, कनेक्टिविटी के लिए सड़क आदि का निर्माण कार्य प्रगति पर है। -रवि कुमार, एचएसआईडीसी चंडीगढ़।
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