नारनौल। शहर का एकमात्र हुडा सेक्टर 20 साल बाद भी पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाया है, क्योंकि सेक्टर में लोगों को अपेक्षाकृत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
सेक्टर में इन दिनों बेसहारा पशुओं की गंभीर समस्या बनी हुई। सेक्टर में हर तरफ बेसहारा पशु घूमते रहते हैं। सेक्टर के लोग इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों व मंत्रियों को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन उन्हें आज तक इस समस्या से निजात नहीं मिला हैं। सेक्टर में खाली पड़े प्लाटों में 10-20 बेसहारा गोवंश मिल जाएंगे।
गोवंश मकानों के बाहर लगे पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। सेक्टर में बेसहारा गोवंश की संख्या करीब 300 है। वहीं यहां नीलगाय भी आ जाती हैं। इसकी वजह से सेक्टरवासी चारों तरफ चहारदीवारी करवा कर गेट लगवाने की मांग कर चुके हैं।
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बेसहारा गोवंश के भिड़ने से राहगीरों को लगता है डर
सेक्टर में गोवंश का जमावड़ा रहने से कई बार वे उग्र हो जाते हैं। इसकी वजह से राहगीरों को हर समय हादसा होने ने डर सताता रहता है। सेक्टर में सांड़ों के हमले से बचने का महिलाओं का वीडियो भी कई बार सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। इतना ही नहीं इनकी लड़ाई की वजह से गाड़ियों व अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
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हुडा सेक्टर में बेसहारा पशुओं से परेशानी है। इन पशुओं के आने का कारण यह है कि चारों तरफ से सेक्टर खुला पड़ा है। इस कारण हर तरफ से पशु आकर सेक्टर के खाली प्लाटों में बैठ जाते हैं। यही घूमते रहते हैं। अक्सर सिंघाना रोड की तरफ नहर से आगे खेतों की तरफ से नीलगाय भी आ जाती है।-रविंद्र सिंह यादव एडवोकेट
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सेक्टर में बेसहारा पशुओं की संख्या बहुत ज्यादा है। कई बार सांड़ों के हमले से महिलाएं बच चुकी हैं। बच्चों व वाहनों को भी बचाकर रखना पड़ता है। अभी सेक्टर का प्रधान बना हूं। इस समस्या से सेक्टरवासियों को निजात दिलाने के लिए प्रयास करुंगा। इसके लिए नगर परिषद के अधिकारियों से भी मिलेंगे।-नरेश चौधरी, प्रधान आरडब्ल्यूए
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शहर में घूम रहे बेसहारा गोवंश को पकड़ने के लिए ठेका छोड़ है। यदि हुडा सेक्टर में बेसहारा पशुओं की संख्या बढ़ रही है तो ठेकेदार को कह कर वहां भी इन्हें पकड़वाने का अभियान चलाया जाएगा।-सोहन सिंह, एमई नगर परिषद