कोरोना वायरस की दूसरी लहर में लोग तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। इसमें हेल्थ कर्मचारियों व उनके परिजन भी शामिल हैं।
नागरिक अस्पताल नारनौल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेेश कुमार के बेटा समेत परिवार के तीन सदस्य कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसमें बेटे को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। परिवार के तीन सदस्यों के संक्रमित होने के बाद भी डॉ. राजेश कुमार ड्यूटी पर लगे हुए हैं। डॉ. राजेश कुमार ओपीडी, इमरजेंसी और गायनी समेत अन्य वार्डों के प्रबंधन करने में लगे हुए हैं। जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी न हो। डिप्टी एमएस व सीनियर डेंटल सर्जन डॉ. राजेश कुमार जरूरत पड़ने पर डेंटल ओपीडी में मरीजों को भी देख रहे हैं। डॉ. राजेश ने बताया बेटा बठिंडा में पढ़ाई कर रहा है। 15 अप्रैल को घर आने पर बुखार की शिकायत हुई। इस पर बेटे का कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर सैंपल दिया था, लेकिन इस दौरान बच्चे की तबीयत ज्यादा खराब होने लगी तो बेटे, बेटी, पत्नी और खुद का एंटीजन टेस्ट कराया। इसमें पत्नी, बेटा व बेटी कोरोना मरीज मिले। उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। आरटीपीसीआर की रिपोर्ट में भी बेटा संक्रमित मिला। बेटी और मां की हालात ठीक होने पर होम आइसोलेट हैं। बेटे की तबीयत गंभीर होने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती है। डॉ. राजेश ने बताया कि अब तीनों की तबीयत में सुधार है। बता दें कि कोरोना की पहली लहर में खुद डॉ. राजेश संक्रमित हो गए थे। उनकी भी तबीयत गंभीर होने पर मेदांता में भर्ती होना पड़ा था। बाद में ठीक होने पर मरीजों की सेवा में जुट गए थे।
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित की सर्जरी से कराई डिलिवरी
नारनौल। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच जिला नागरिक अस्पताल में एक महिला की सर्जरी कर डिलिवरी कराई गई। अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अजलि सैनी ने बताया कि दो दिन पहले एक गर्भवती महिला अस्पताल आई। उसे तत्काल उपचार की जरूरत थी और डिलिवरी कराने की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद महिला का एंटीजन टेस्ट कराया गया तो कोरोना संक्रमित मिली। इसके बाद डॉक्टरों ने कोरोना प्रोटोकाल के अनुसार महिला की सर्जरी कर डिलिवरी कराई। अब जच्चा-बच्चा दोनों ठीक है। गायनी प्रभारी डॉ. अंजलि सैनी ने बताया कि इसके बाद ऑपरेशन थियेटर को सैनिटाइज कर छह घंटे तक के लिए बंद करना पड़ा। दूसरी ओर डॉक्टर को एहतियात के तौर पर दो-तीन दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में काफी गर्भवती महिलाएं आती हैं। उनका प्रयास रहता हैं कि सभी को अस्पताल में सेवाएं मिल सके। सभी महिला डॉक्टरों को जरूरी सावधानी बरतने को कहा गया है।