गांव बसई के साथ लगती पंडो की ढाणी के लोग पिछले काफी समय से बिजली व पानी की किल्लत से परेशान है।। बिजली निगम को इस मामले में कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ढाणी वासी सुभाष, हनुमान, मुकेश, लाली, सुनीता, भतेरी, बिमला आदि लोगों ने बताया कि उनकी ढाणी गांव के अंतिम छोर पर स्थित है। उन्होंने बताया कि इस ढाणी में 30-35 घरों की बस्ती है इस बस्ती के लोग पिछले काफी समय से बिजली व पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है।
उन्होंने बताया कि बिजली का ट्रांसफार्मर उनके घरों से लगभग 600 मीटर की दूरी पर लगा हुआ है। इन लोगों को बिजली आपूर्ति के लिए बाजार से बिजली की तार खरीदकर अपना काम चलाना पड़ता है शार्ट-सर्किट की वजह से कई बार केबल जल जाती है। जिसके परिणाम स्वरूप उपभोक्ताओं को अपने खर्चे पर पुन: बिजली केबल का इंतजाम करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि बस्ती के सभी बिजली उपभोक्ता अपने बिल की अदायगी समय पर करते है इसके बावजूद भी विभाग ने इनकी समस्या को दूर करने का प्रयास नहीं किया। बस्ती के पास से एचटी की लाइन गुजर रही है यदि विभाग यहां ट्रांसफार्मर लगा दें तो समस्या दूर हो सकती है। यही समस्या पानी को लेकर भी है बस्ती वाले अपनी प्यास बुझाने के लिए दूर से पानी लाना पड़ता है वहां पर उपलब्ध पानी मीठा नही है।
उन्होंने बताया कि पानी की मेन लाइन भी बस्ती के पास से गुजर रही है यदि विभाग अधिकारी बस्ती के लोगों को पानी उपलब्ध कराना चाहते है तो उन्हें इस लाइन से पानी का कनेक्शन दे सकते है। इन लोगों ने प्रशासन व सरकार से मांग है कि उन्हे भी बिजली व पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोडा जाए ताकि वे लोग भी आराम से जीवन बसर कर सके।
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वर्जन:
कुओं पर ढ़ाणी के लिए सरकार की ओर से कोई स्कीम नहीं है। इसलिए ढाणी निवासियों को खुद के खर्च पर ही केबल लगानी पड़ेगी।-----------रमेश, जेई बिजली निगम