एचएसईबी वर्कस यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को सर्कल कार्यालय के मुख्य द्वार पर सांकेतिक धरना सर्कल सचिव सत्यबीर सिंह की अध्यक्षता में दिया गया। इस मौके पर धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी प्रदेश सरकार द्वारा समान काम समान वेतन लागू न करने पर पुरजोर विरोध जताया।
कर्मचारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पारित होने के बावजूद भी हरियाणा सरकार इस फैसले को लागू करने में आना कानी कर रही है। बिजली निगम कच्चे कर्मचारियों का शोषण कर रही है। वहीं कर्मचारियों का वेतन का एक हिस्सा ठेकेदार कमीशन व ईपीएफ के नाम पर खा रहे है। सत्यबीर यादव ने सरकार से ठेकेदारों को हटाकर ए व बी केटेगरी को खत्म करके निगम सभी को उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार तुरंत समान काम समान वेतन का भुगतान करने की मांग की। पिछले कई माह पहले अधीक्षक अभियंता नारनौल द्वारा नियमों की अवहेलना कर मनमर्जी की भर्ती कर कुछ अनुबंधित कच्चे कर्मचारियों को हटाकर उनके स्थान पर नए कर्मचारियों को भर्ती कर लिया है। निगम प्रबंधक ने जल्द ही इन कर्मचारियों को वापस नहीं लिया तो यूनियन को मजबूरन संघर्ष करना पड़ेगा। पूर्व सर्कल सचिव अशोक सैनी ने सरकार की कर्मचारी विरोधी नीति का विरोध जताया। यूनिट प्रधान अशोक यादव ने सरकार व विभाग से कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान करने की मांग की। धरने में सुरेंद्र जोशी, हवासिंह, राजेंद्र बोहरा, जयसिंह, दिनेश शर्मा, मदन शर्मा, घनश्याम शर्मा, हरीकिशन शर्मा, रामानंद लाइनमैन, राजाराम, राजेंद्र प्रजापत, भगवत शर्मा, राधेश्याम शर्मा, सुरेंद्र यादव, सतेंद्र यादव, जितेंद्र यादव, राजेंद्र ठाकुर, अनिल, विक्रम, चिंतामणी, अंकुर व बाबूलाल मीणा आदि मौजूद रहे।
भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों अनशन तुड़वाया
मांगों को लेकर हरियाणा रोडवेज प्रांगण में पिछले 24 घंटे से भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष बाबूलाल यादव ने जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। इस मौके पर कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार को समय रहते उनकी मांगों का समाधान करने की मांग की अन्यथा बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करके आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
धरने को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कर्मचारी यूनियन एवं सरकार के प्रतिनिधियों से कई बार वार्तालाप हो चुकी है। वहीं वार्तालाप के दौरान कई मांगों पर सहमति भी बन चुकी है, लेकिन सरकार द्वारा अब तक उन मांगों को लागू नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष बना हुआ है। रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने सरकार से रोडवेज बेड़े में दस हजार नई बसों को शामिल किया जाए, ताकि प्रदेश की आम जनता को सस्ती एवं सुलभ बस यात्रा की सुविधा मिल सके। प्रदेश के अधिकांश ग्रामीण रूटों पर रोडवेज की बसें चलती हैं और जनता निजी वाहनों में धक्के खाती है। इसलिए रोडवेज में न केवल बसें शामिल किए जाए और चालकों व परिचालकों की रेगुलर भर्ती की जाए। इस मौके पर कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष बाबूलाल यादव, महासंघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, बिजली बोर्ड के सर्कल सचिव सत्यवीर यादव, यूनिट प्रधान अशोक यादव, हवासिंह प्रधान यूनिट प्रधान, दीपक शांडिल, मनोज शर्मा जनस्वास्थ्य विभाग, जगदीश जांगड़ा प्रधान सिंचाई विभाग आदि ने भी सभा को संबोधित किया।
बिजली कर्मचारियों ने किया रोष प्रदर्शन
मंडी अटेली। बिजली निगम कर्मचारियों ने मंगलवार को मांगों को लेकर सब यूनिट अटेली पावर हाउस के गेट पर रोष प्रदर्शन किया। सब यूनिट प्रधान धर्मवीर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने समान वेतन देने का फैसला दिया है, लेकिन सरकार उस निर्णय को लागू नहीं कर रही है।
उन्होंने सरकार से आगाह किया कि वे कर्मचारियों का शोषण बंद करे। वहीं कच्चे कर्मचारियों को हटाये गए उनको फिर से लिए नहीं गए। प्रधान ने कहा कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर आनंद कुमार, अनिल, प्रवीण, राजेन्द्र, नरेश, ईश्वर, सोनू, गोकल व फूल सिंह सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित थे।