फोटो नंबर-03नारनौल की जामा मस्जिद में ईद की नमाज अदा करते मुस्लिम समाज के लोग। संवाद
नारनौल। मोहल्ला शिवाजी नगर स्थित जामा मस्जिद में सोमवार को ईद उल फितर की नमाज अदा की गई। ईद को लेकर मुस्लिम समाज के लोग रमजान के पूरे महीने में रोजे रखते हैं और खूब उत्साह के साथ इसकी तैयारियां करते हैं। मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए यह साल का सबसे खास दिन माना जाता है। इस मौके पर सुबह-सुबह लोगों ने स्नान कर नए कपड़े पहने और जामा मस्जिद में नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।
शिवाजी नगर स्थित जामा मस्जिद के इमाम कारी मोहम्मद हनीफ फैजी गौरवाल ने सुबह साढ़े 9 बजे ईद की नमाज अदा कराई। उन्होंने कहा कि ईद की सच्ची खुशी उस वक्त हासिल हो सकती है, जब हमारा खालिक हमसे राजी हो। उसकी रजा हासिल करने का एक तरीका यह भी है कि उसकी मखलूक के साथ रहम का मामला किया जाए। उन्होंने कहा कि आइए हम उन लोगों को माफ कर दें, जिनसे हमें कोई तकलीफ पहुंची है और उनसे माफी मांग लें, जिनको हम से किसी किस्म की शिकायत है। अल्लाह ताला हम से खुश हो जाए और हमारी बेशुमार गलतियों को माफ कर दे। उन्होंने कहा कि रमजान महीना ऐसा है, जिसमें ईश्वर ने मानव जाति के लिए कुरान अवतरित किया। इसी महीने में ईश्वर ने रोजे भी फर्ज अनिवार्य किए, जिसमें मनुष्य तकवा के जरिए कुरान से हिदायत हासिल करता है।
उन्होंने कहा कि भारत संपूर्ण विश्व का पहला देश है, जहां सभी धर्मों को मानने वाले लोग अमन-चैन से रहते हैं। यहां पर एक साथ होली का गुलाल और एक साथ इफ्तार कार्यक्रम होता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश की एकता अखंडता को अपने निजी स्वार्थ के लिए सोशल साइट द्वारा गलत भावना का प्रचार प्रसार कर देश के हिंदू व मुस्लिम भाई-भाई के नारे को बदनाम करके देश की छवि विश्व पटल पर धूमिल करते हैं।