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शिक्षामंत्री के आश्वासन के बाद भी जारी रहा प्रदर्शन

Mon, 19 Dec 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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रामबिलास शर्मा - फोटो : ram bilash sharma
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महेंद्रगढ़। दो पार्षदों की लड़ाई सुलझाने एवं अनशन तुड़वाने के लिए शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा रविवार को धरना स्थल भीम राव अंबेडकर चौक पर पहुंचे।
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इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के समक्ष पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मंत्री ने धरने पर पहुंचकर पार्षद नरेंद्र खन्ना से बातचीत की और डीएसपी बिरम सिंह को मामला दर्ज करने एवं नरेंद्र खन्ना की पत्नी एवं अनशनकारी कौशल्या का अस्पताल में भर्ती करवाने के भी आदेश दिए। मंत्री के आश्वासन के बाद भी प्रदर्शनकारी नहीं माने और अपनी मांग पर अड़े रहे।

उन्होंने कहा कि मामला दर्ज कर कॉपी उनके हाथ में आने के बाद ही अनशन तोड़ा जाएगा। महिला अनशनकारी के अलावा शीश राम, भरतलाल और महेंद्र खन्ना ने अपना अनशन जारी रखा। खन्ना की पत्नी को सिविल अस्पताल में ले जाया गया जहां पर वह उपचाराधीन हैं। इसके बाद बसपा कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंचकर धरने को समर्थन दिया।
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पिछले 11 दिनों से दलित समाज के लोग नरेंद्र खन्ना को इंसाफ दिलाने के लिए धरने पर बैठे हुए हैं जबकि उनकी पत्नी कौशल्या देवी 8 दिनों से अनशन पर हैं। शहर में मामला जब जोर पकड़ने लगा तो इसी सूचना शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के पास पहुंची। प्रो. शर्मा ने अधिकारियों को फोन पर बातचीत को मामले को सुलझाने के आदेश दिए थे।

मंत्री के आदेश के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार दिनेश कुमार ने दलित समाज के 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल के साथ मीटिंग भी की। मीटिंग में कोई निष्कर्ष नहीं निकल आया। जब प्रशासन से यह बात नहीं बनती दिखी तो शिक्षामंत्री रविवार बाद दोपहर 3 बजे स्वयं धरना स्थल पर पहुंच गए।

मंत्री ने डीएसपी को बिरम सिंह को मामला दर्ज करने के आदेश एवं अनशनकारी महिला को अस्पताल ले जाने के आदेश दिए। इसके बाद शिक्षामंत्री रेस्ट हाऊस चले गए। इस मौके पर नायब तहसीलदार मुखत्यार सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लावनिया, पूर्व जिला परिषद प्रमुख सुरेंद्र कौशिक, सुधीर दीवान, सुंदरलाल जोरासिया आदि उपस्थित थे।

मंत्री जाने के बाद हुआ हंगामा
जब पुलिस अनशनकारी महिला को सिविल अस्पताल ले जाने लगी तो उस दौरान दलित समाज के लोगों ने फिर हंगामा खड़ा कर दिया और मामला दर्ज नहीं होने तक उसे नहीं ले जाने देने के लिए कहा, लेकिन पार्षद नरेंद्र खन्ना शिक्षामंत्री की बात को मानते हुए उसे  पर्सनल गाड़ी में सिविल अस्पताल लेकर गए। अस्पताल ले जाते समय अनशनकारी महिला बेहोशी की हालत में थी।

समाचार लिखे जाने तक उसका ईलाज सिविल अस्पताल में चल रहा था।

250 लोग देंगे गिरफ्तारी
दलित समाज ने आंदोलन को ओर उग्र कर दिया है। समाज की ओर से जगदीश चंद ने बताया कि अगर पार्षद सुरेंद्र बंटी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हुआ तो सोमवार को 250 लोग इस मामले को लेकर अपनी  गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन भ्रष्टाचार में लिप्त है, अभी तक उन्होंने मामला दर्ज नहीं किया है। वहीं बसपा नेेता ने कहा कि यह मामला बसपा सुप्रीमो मायवती के दरबार में भी उठाया जाएगा। इसके अलावा जिला वार्ड पार्षद सुनीता वर्मा ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया।

अनशनकारी खतरे से है बाहर
चिकित्सकों की रिपोर्ट के अनुसार अनशनकारी महिला कौशल्या देवी अभी खतरे से बाहर बताई जा रही हैं। पिछले कुछ दिनों से खाना नहीं खाने की वजह से शरीर में कमजोरी अवश्य आ गई है जिससे वजन भी कम हुआ है। अभी उसकी धड़कन, बीपी ठीक चल रहे हैं। शुगर अवश्य सामान्य नीचे हैं। पेट में अभी इन्फेक्शन नहीं हुआ है इन्फेक्शन होने पर समस्या बढ़ जाती है। समाचार लिखे जाने तक अनशनकारी महिला को ड्रिप लगाई गई थी।

अभी अनशनकारी कौशल्या देवी को अस्पताल में ले जाया जा रहा है। उनकी हालत अभी खराब है। संघर्ष समिति की मांग को प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। -शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा
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वर्जन:
मामले में जांच की जा रही है, अगर मामला दर्ज होने का होगा तो मामला दर्ज कर लिया जाएगा। ---डीएसपी बिरम सिंह।
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