शिक्षामंत्री का आभार प्रकट करने उनके आवास पर जा रहे चयनित जेबीटी टीचरों को प्रशासन ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद सभी 96 चयनित जेबीटी को एसडीएम कोर्ट में लाया गया जहां एसडीएम के समक्ष एक प्रतिनिधि मंडल को पेश किया गया। एसडीएम से बातचीत के बाद उनके खिलाफ दर्ज मामला निरस्त कर उन्हें छोड़ दिया गया। एसडीएम विक्रम सिंह से बातचीत होने के बाद एसडीएम ने प्रेस से बातचीत की और उन्होंने जेबीटी अध्यापकों पर दर्ज मामलों को निरस्त करने की घोषणा की। साथ यह भी कहा कि उन्होंने अपना धरना वापस ले लिया है किंतु जब चयनित जेबीटी के प्रदेश अध्यक्ष किशोर जावलिया से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि हमने धरना खत्म नहीं किया। हमारा सांकेतिक धरना सोमवार तक जारी रहेगा अगर तब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वो फिर से धरने पर बैठ जाएंगे। साथ ही चयनित जेबीटी ने प्रशासन द्वारा उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। चयनित जेबीटी को 20 अप्रैल को कोर्ट के समाचार से खुशी मिली तो 21 अप्रैल को प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से दु:खी हुए।
लगभग डेढ़ बजे चयनित जेबीटी ने ढोल नगाड़ों के साथ शिक्षामंत्री के आवास पर आभार प्रकट करने जाने की तैयारी कर रहे थे। उसी समय ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार दिनेश कुमार एवं थाना प्रभारी कैलाश चंद मौके पर पहुंच। उन्होंने चयनित जेबीटी को शिक्षामंत्री के आवास पर जाने से मना कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने उनको शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। साथ ही चयनित जेबीटी की दरी आदि भी पुलिस कर्मचारियों ने धरना स्थल से हटा दी। इसके बाद उन्हें पुलिस बस और चार छोटी गाड़ियों में महेंद्रगढ़ थाने ले जाया गया। थाने में उतरने के बाद आक्रोशित चयनित जेबीटी ने जमकर नारेबाजी की।
धरना खत्म करने के लिए 20 को दिया था नोटिस
ड्यूटी मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार द्वारा 20 अप्रैल को चयनित जेबीटी को तुरंत प्रभाव से धरना खत्म करने के लिए नोटिस जारी किया था। नोटिस की एक कॉपी धरना स्थल लघु सचिवालय के बाहर प्रशासन की ओर से चिपकाई भी गई थी जिसमें स्पष्ट लिखा था कि लघु सचिवालय महेंद्रगढ़ के सामने बगैर समक्ष अधिकारी की अनुमति के धरने पर बैठने से कानून व्यवस्था बिगडने का अंदेशा है। इसलिए सभी चयनित जेबीटी अध्यापक तुरंत अध्यापक से इस धरने को समाप्त कर देवें अन्यथा आपके खिलाफ कार्रवाई होगी।
96 के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने शुक्रवार को 96 चयनित जेबीटी को गिरफ्तार किया था जिनमें 32 महिलाओं तथा 64 पुरुष शामिल थे। 32 महिलाओं में से 2 गर्भवती महिलाएं भी शामिल थीं। इन सभी को बस पुलिस बस में थाने के अंदर ले जाया गया जहां पर डेेढ़ घंटे की कार्रवाई के बाद उन्हें एसडीएम कोर्ट ले जाया गया। पुलिस के पास बसों की कमी के चलते दो बसें बाहर से बुलानी पड़ी जिनमें से एक बस निजी स्कूल की थी।
45 मिनट चली बैठक
चयनित जेबीटी के सात सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल को एसडीएम विक्रम सिंह के समक्ष पेश किया गया जहां पर उन्हें समझाने का प्रयास किया। कार्यालय के अंदर ड्यूटी मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार एवं डीएसपी सतेंद्र कुमार भी मौजूद थे। 45 मिनट तक वो एसडीएम ऑफिस के अंदर रहे। एसडीएम ने उनको कहा कि वे अपना धरना समाप्त कर देंगे तो उनके मुकदमों को निरस्त कर दिया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश अध्यक्ष किशोर जावलिया, विनोद कौशिक, पवन, राजेंद्र यादव, आनंद जुड्डी, कंचन कुमार तथा निर्मला शामिल थीं।
हमने 96 चयनित जेबीटी अध्यापकों को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ शांति भंग का मामला भी दर्ज किया है। आगामी कार्रवाई एसडीएम के आदेश के बाद की जाएगी।
-थाना प्रभारी कैलाश चंद।
सरकार का कहना है कि ज्वाइनिंग में अभी थोड़ा समय लगेगा। सरकार कोर्ट की आदेश की पालना करेगी। अभी चयनित जेबीटी से बातचीत हुई है। बातचीत से मामला सुलझ गया है। उन्होंने अपना प्रोटेस्ट वापस ले लिया है। उनके इस आश्वासन पर हमने मामला निरस्त कर दिया है।
-एसडीएम विक्रम सिंह
एसडीएम साहब ने कहा है कि अगर वो धरना खत्म करे देंगे तो उनके मामले निरस्त कर दिए जाएंगे। अभी हम सोमवार तक लघु सचिवालय के बाहर सांकेतिक धरना देेंगे। अगर सोमवार तक सरकार ने नियुक्ति पत्र की कार्रवाई शुरू नहीं की तो वे मंगलवार 25 अप्रैल को फिर से परिवार सहित धरने पर बैठ जाएंगे।
-किशोर जावलिया-प्रदेश अध्यक्ष चयनित जेबीटी संघर्ष समिति।