नारनौल। पांच दिन बाद आखिरकार बुधवार को जिला प्रशासन ने गौशाला की सुध ली। गौशाला प्रबंधन द्वारा इस्तीफा देने के बाद प्रशासन ने गौशाला की देखरेख करने की जिम्मेवारी ली थी। इसके लिए उपायुक्त अतुल कुमार ने 18 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। उपायुक्त द्वारा गठित टीम के सदस्य आरटीए आके सिंह की अगुवाई में बुधवार सुबह साढ़े दस गोपाल गौशाला पहुंचे। इसमें जिला रजिस्ट्रार रामकुमार, तहसीलदार ईश्वर सिंह, पशु पालन विभाग के उप निदेशक डॉ. नसीब सिंह, कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. पीके गुलिया, सिविल सर्जन डॉ. आरपी वर्मा नारनौल, उप सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार शामिल थे। जिला उपायुक्त द्वारा गठित 14 सदस्यीय अस्थायी कमेटी चुनाव होने तक गौशाला की देखरेख करेगी। इस 14 सदस्यीय कमेटी के ऊपर भी एक सुपरवाइजरी कमेटी का गठन किया गया है। इसके नीचे यह अस्थायी कमेटी कार्य करेगी। इस सुपरवाइजरी कमेटी का संयोजक तहसीलदार ईश्वर सिंह को बनाया गया है। इसमें तहसीलदार के अलावा पशु पालन विभाग के उप निदेशक डॉ. नसीब सिंह, कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. पीके गुलिया और सिविल सर्जन नारनौल आरपी वर्मा को शामिल किया गया है। आरटीओ रामकुमार ने बुधवार को सबके सामने उपायुक्त द्वारा बनाई अस्थायी कमेटी को गौशाला के चुनाव होने तक गौशाला की देखरेख का कार्यभार सौंपा।
कई दिनों से सेवा में लगे लोगों को किया दरकिनारउपायुक्त द्वारा बनाई अस्थायी कमेटी में कई बुजुर्ग और ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जो केवल गौशाला में आकर बैठ सकते हैं। वे गौशाला में किसी प्रकार से शारीरिक रूप से कोई सहायता नहीं कर सकते हैं। 20-25 दिन से दिन-रात गौशाला की व्यवस्था सुधारने लगे गौ-सेवकों को पूरी तरह इस कमेटी से दरकिनार कर दिया गया है। इन लोगों ने प्रशासन द्वारा बनाई अस्थायी कमेटी पर नाराजगी जताई है। इन लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा बनाई कमेटी में ऐसे बुजुर्गों को शामिल किया गया है जो गौशाला में शारीरिक श्रम नहीं कर सकते हैं, और न ही अपना समय दे सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा गौशाला की देखरेख के लिए नियुक्त अस्थायी सुपरवाइजरी कमेटी को छह सप्ताह के अंदर गौशाला के चुनाव करवाने होंगे। चुनाव होने तक यह चार सदस्यीय सुपरवाइजरी कमेटी और 14 सदस्यीय अस्थायी कमेटी गौशाला में गायों के खाने, पीने, साफ-सफाई सहित सभी कार्य संभालेगी।
सोसाइटी एक्ट-2012 के तहत होंगे चुनाव श्री गोपाल गौशाला हरियाणा रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन सोसाइटी एक्ट-2012 के तहत रजिस्टर होने से गौशाला का कोई नया सदस्य नहीं बन सकता है। इसलिए गोपाल गौशाला के चुनाव में पुराने सदस्य ही भाग लेंगे। गौशाला में नये सदस्यों बनाने की प्रक्रिया गौशाला प्रबंधन के चुनाव के बाद ही की जा सकती है।
कमेटी सदस्यों ने भी माना नहीं दे पाएंगे समयसुपरवाइजरी कमेटी में शामिल कुछ सदस्यों ने भी माना की वे गौशाला में समय नहीं दे पाएंगे। वे गौशाला में समय देते हैं तो उनका विभागीय कार्य प्रभावित होगा। वहीं उन्हें प्रतिदिन अनेक विभागीय कार्य भी करने होते है। इसके अलावा विभागीय कार्य से अनेक बार बाहर भी जाना पड़ता है।
गौशाला के अकाउंट में नही है पैसागौशाला के रिकार्ड को अस्थायी कमेटी को सौंपने के लिए गौशाला के निवर्तमान प्रधान रामकुमार को मौके पर बुलाया गया। आरटीए रामकुमार ने निवर्तमान प्रधान से गौशाला का पूरा रिकार्ड अस्थायी कमेटी के सुपुर्द करने के आदेश दिए। वहीं आरटीए अधिकारी ने गौशाला के निवर्तमान प्रधान से गौशाला के बैंक अकाउंटों के बारे में पूछा तो निवर्तमान प्रधान ने अकाउंट में पैसा ही नहीं होने की बात कही। निवर्तमान प्रधान कहा कि अकाउंट में पैसा नहीं होने के चलते लेबर का वेतन भी नहीं दिया गया है।
यह है सुपरवाइजरी कमेटीतहसीलदार ईश्वर सिंहपशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. नसीब सिंह कृषि विभाग के उप निदेशक पीके गुलियासिविल सर्जन डॉ. आरपी सिंह नारनौल
यह होगी तदर्थ कमेटीहरीश कुमाररामगोपाल मित्तलगजानंद शास्त्रीप्रभाती लालधर्मेंद्र गोसाईसुरेश यादवमास्टर बनवारी लालहेमंत चौबेसूबेदार राम चंद्रजयप्रकाश मांदीबद्री प्रसाद गर्गपरमानंद जेलदार भूषण कलासुरेश चौधरीराय सिंह मांदी
कोटउपायुक्त अतुल कुमार के निर्देशानुसार गोपाल गौशाला की देखरेख के लिए बनाई अस्थायी कमेटी को कार्य सौंप दिया गया है। इस अस्थायी कमेटी के ऊपर चार सदस्यीय सुपरवाइजरी कमेटी भी बनाई गई। इसके नीचे यह अस्थायी कमेटी कार्य करेगी। चुनाव होने तक गौशाला में गायों की देखरेख करेंगी। इसके साथ ही उन्होंने गौशाला की व्यवस्था का जायजा लिया है। इसकी पूरी रिपोर्ट उपायुक्त अतुल कुमार के सामने पेश करेंगे। - रामकुमार, आरटीए नारनौल