पर्याप्त काउंटर नहीं होने, उचित जानकारी के अलावा विकलांगों और लड़कियों के लिए अलग खिड़की की व्यवस्था नहीं होने के कारण ई-दिशा केंद्र में बदइंतजामी का आलम है। जाति और रिहायशी प्रमाण पत्र बनाने का दबाव ज्यादा होने के कारण केंद्र में इन दिनों युवाओं की भीड़ ज्यादा नजर आती है। भीड़ में संबंधित खिड़कियों पर छोटे-छोटे शब्दों में लिखी जानकारी दूर से नजर नहीं आती। इस कारण सभी को परेशानी होती है। स्टाफ पर्याप्त नहीं होने और एक ही लाइन में खड़े होने के कारण लड़कियों और महिलाओं को अधिक परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि ई-दिशा केंद्र पर उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उनको परेशानी होती है। लोगों की परेशानी की जानकारी मिलने पर अमर उजाला प्रतिनिधि ने ई-दिशा केंद्र का दौरा किया तो अनेक खामियां नजर आईं।
इन दिनों कालेजों, आईटीआई और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले का दौर चल रहा है। दाखिले के लिए विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र और रिहायश प्रमाण पत्र समेत अन्य कागजात बनवाने पड़ रहे हैं। इसके लिए विद्यार्थियों को ई-दिशा केंद्र आना पड़ रहा है। युवाओं को गाइड करने के लिए कोई भी कर्मचारी केंद्र पर मौजूद नहीं रहता। युवाओं से जब जानना चाहा तो उनका जवाब था कि वे प्रमाण पत्र बनवाने आए हैं, मगर उन्हें यह नहीं समझ आ रहा कि कौन सी खिड़की पर कोन सा प्रमाण पत्र बनेगा। इस कारण केंद्र में युवक बिना लाइन के ही यहां-वहां खड़े थे।
युवतियों और विकलांगों की नहीं थी अलग लाइन
ई-दिशा केंद्र में युवतियों और विकलांगों के लिए अलग से कोई लाइन की व्यवस्था भी नहीं थी। एक ही लाइन में युवक और युवतियां खड़े थे। केंद्र में बहुत अधिक भीड़ होने की वजह से युवतियां परेशान नजर आ रहीं थीं।
खिड़की पर लगे स्टीकर, दूर से नहीं दिखते
ई-दिशा केंद्र की प्रत्येक खिड़की पर संबंधित खिड़की पर होने वाले कार्य के संबंध में जानकारी दे रखी है, मगर भीड़ ज्यादा होने के कारण खिड़की पर लगी जानकारी दूर से दिखाई नहीं देती। ऐसे में सभी को परेशानी होती है कि उनका काम कौन सी खिड़की पर होगा।
चार नंबर खिड़की पर नहीं था कोई
रिहायशी और जाति प्रमाण पत्र बनाने का स्टीकर लगी खिड़की नंबर चार पर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। रिहायशी और जाति प्रमाण पत्र बनाने वालों की लंबी लाइनें लगी हुई थी। ऐसे में इस खिड़की पर आने वाले सभी लोग अन्य खिड़की पर जा रहे थे। इससे दूसरी खिड़की वाले कर्मचारी पर बोझ बढ़ रहा था।
ऊंचाई पर लिखी होनी चाहिए जानकारी
रिहायश और जाति प्रमाण पत्र बनवाने आए युवक दिनेश, अभिषेक, जितेंद्र का कहना है कि यहां केवल खिड़की पर ही छोटे-छोटे अक्षरों में जानकारी दी गई है। दूर से यह दिखाई नहीं देती। भीड़ ज्यादा होने पर कुछ साफ नजर नहीं आता कि कौन सी खिड़की पर क्या काम होगा। ऐसे में बड़े बोर्ड ऊंचाई वाले स्थानों पर लगाने चाहिए, ताकि लोगों को काम कराने में आसानी हो।