फोटो संख्या:70- उप नागरिक अस्पताल में मरीजों की जांच करते चिकित्सक---संवाद
कनीना। फसल कटाई के सीजन में उड़ने वाली धूल ने दमा और एलर्जी के मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। कनीना उप नागरिक अस्पताल में इन दिनों सांस व स्किन एलर्जी से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। लंबे समय तक धूल और भूसी के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
एसएमओ डॉ. रेनू ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन करीब 400 ओपीडी आ रही हैं, जिनमें से 50 से 70 मरीज सांस संबंधी बीमारियों, विशेषकर अस्थमा से पीड़ित हैं। इसके अलावा 20 से 25 मरीज स्किन एलर्जी की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि फसल कटाई के दौरान खेतों में उड़ने वाली धूल, पराली के कण और रसायनों के संपर्क में आने से ये समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। धूल के महीन कण सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं, जिससे खांसी, सांस फूलना और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। वहीं त्वचा पर धूल जमने से खुजली, लाल चकत्ते और अन्य स्किन रोग भी सामने आ रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार फसल कटाई के दौरान हमेशा मास्क या कपड़े से नाक-मुंह को ढककर रखें। आंखों को सुरक्षित रखने के लिए चश्मे का उपयोग करें। लंबे समय तक धूल में काम करने के बाद स्नान अवश्य करें और साफ कपड़े पहनें।
जिन लोगों को पहले से दमा या एलर्जी की समस्या है, वे अपने चिकित्सक की सलाह अनुसार दवाइयों का नियमित सेवन करें और इनहेलर साथ रखें। खेतों में काम करते समय बीच-बीच में आराम करें और अधिक धूल वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। किसी भी प्रकार की सांस या त्वचा संबंधी समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सकीय परामर्श लें, ताकि समय रहते उपचार किया जा सके।