फोटो 07 गांव में लगाई गई वह स्ट्रीट लाईट, जो कई मरह से पड़ी हैं बंद। संवाद
- फोटो : 1
सिहमा। सरकार की जगमग गांव योजना के तहत पिछले वर्ष सितंबर में दौंगड़ा अहीर गांव की फिरनियों पर करीब 12.49 लाख रुपये की लागत से लगाई गई स्ट्रीट लाइटें दो-तीन दिन जलने के बाद बंद हो गईं। नौ महीने बीतने के बावजूद इन्हें दोबारा चालू नहीं कराया गया है। इससे गांव की गलियां फिर अंधेरे में डूबी हुई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि स्ट्रीट लाइटें लगने के बाद पूरे गांव में खुशी का माहौल था। रात के समय गलियां दूधिया रोशनी से जगमगा उठी थीं और लोगों में सुरक्षा का एहसास बढ़ा था। दो-तीन दिन बाद ही सभी लाइटें बंद हो गईं। इसके बाद ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों और पंचायत के समक्ष समस्या उठाई लेकिन समाधान नहीं हो सका।
जिला प्रमुख डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि गांव की फिरनियों पर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य जिला परिषद की ओर से करीब 12.49 लाख रुपये की लागत से कराया गया था।
सरपंच प्रतिनिधि बबरु भान बोहरा ने बताया कि स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य जिला परिषद की ओर से कराया गया था। हालांकि बाद में इनके संचालन और रखरखाव को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिले।
बॉक्स
ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी स्ट्रीट लाइटें नौ महीने से बंद पड़ी हैं। उन्होंने पंचायत, बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर जल्द सभी लाइटें चालू कराने की मांग की है ताकि योजना का लाभ ग्रामीणों को मिल सके।