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Mahendragarh-Narnaul News: नशा लील रहा युवाओं का जोश, 18 साल से कम उम्र के युवा भी गिरफ्त में

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फोटो नंबर-17नारनौल का नागरिक अस्पताल। संवाद
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नारनौल। जिले में 18 से कम उम्र के युवा नशे की लत में पड़ रहे हैं। इनमें से कोई गलत संगति का शिकार बना तो कोई रोजगार न मिलने की वजह से रास्ता भटक गया। वर्ष 2025 में अब तक नागरिक अस्पताल में नशे की लत छुड़ाने के लिए 7 मरीज ऐसे आएं है जो 18 से कम उम्र के हैं।
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नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन तीन से चार युवा उपचार लेने पहुंच रहे हैं। जनवरी से दिसंबर तक 1301 मरीज नशे की लत छोड़ने के लिए अस्पताल में पहुंचे हैं। वहीं इनमें 107 को भर्ती किया जा चुका है। हालांकि नागरिक अस्पताल के अलावा नारनौल में दो नशा मुक्ति केंद्र ओर है जहां युवा नशे की लत को छोड़ने के लिए उपचार ले रहे हैं। नशे की रोकथाम के लिए पुलिस भी लगातार छापेमारी कर नशीले पदार्थों को पकड़ रही है।
इस साल एनडीपीएस एक्ट के तहत 57 मामले दर्ज
महेंद्रगढ़ पुलिस ने जिले में जनवरी से 17 दिसंबर तक 922 किलो 216 ग्राम डोडा पोस्त, 186 किलो 783 ग्राम गांजा, 1 किलो 697 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) शामिल है। इसके अतिरिक्त पुलिस ने 500 ग्राम चरस/सुलफा, 69 ग्राम स्मैक, 16 ग्राम अफीम और 128 नशीले कैप्सूल की खेप भी बरामद की है। वहीं, एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक 57 मामले दर्ज किए हैं जिनमें संलिप्त 98 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
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नशे के लिए पशुओं के इंजेक्शन लगा रहे युवा

नागरिक अस्पताल में इस वर्ष एक-दो ऐसे भी मामले सामने आए जो पशुओं के इंजेक्शन लगा रहे थे। इस तरह के नशे से जान भी जा सकती है लेकिन इसके बाद भी युवा नशे के लिए इनका प्रयोग करने से गुरेज नहीं करते हैं।


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केस-1
गलत संगत ने डाली नशे की लत
नारनौल का एक युवक दिल्ली में पढ़ाई करने गया था लेकिन हॉस्टल में गलत संगत में पड़ गया और स्मैक की गिरफ्त में आ गया। वह पढ़ाई के नाम पर परिजनों से प्रत्येक माह हजारों रुपये लेता और नशे में उड़ा देता। एक बार जब परिजन हॉस्टल में गए तो उन्हें नशे की लत के बारे में पता चला। इसके बाद नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए लेकर आए। अब वह नशे की लत छोड़कर पढ़ाई कर रहा है।


केस-2

नशे में बना सड़क हादसे का आरोपी

नारनौल के नजदीकी गांव का रहने वाला एक 20 वर्षीय युवक एक दिन गाड़ी लेकर घर से निकला था। उसने स्मैक का नशा कर लिया। इस दौरान गाड़ी के आगे एक बाइक आ गई और उसे टक्कर मार दी। इसके बाद परिजनों को नशे की लत के बाद में पता चला तो उसे नागरिक अस्पताल में लेकर आए जहां उपचार चल रहा है।


वर्जन:
नशे की लत छुड़ाने के लिए प्रतिदिन तीन से चार मरीज उपचार लेने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे हैं। अगर कोई गंभीर होता है तो उसे भर्ती भी कर लिया जाता है। अगर कोई नशा छोड़ना चाहता है तो वह नागरिक अस्पताल में आकर चिकित्सकों से संपर्क कर सकते हैं।-डॉ. अनिल यादव, मनोरोग विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल नारनौल
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नागरिक अस्पताल में पहुंचे मरीजों की संख्या

माह उपचार लेने पहुंचे मरीज भर्ती हुए मरीज
जनवरी 65 05
फरवरी 54 05
मार्च 69 08
अप्रैल 68 18
मई 140 12
जून 136 05
जुलाई 149 10
अगस्त 156 14
सितंबर 93 08
अक्तूबर 115 16
नवंबर 99 06
दिसंबर 157 00
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