नारनौल। पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब गांव-गांव जाकर स्रोतों की रासायनिक जांच कर रही है।
जिला सलाहकार मंगतू राम सरसवा ने बताया कि शुक्रवार को लैब ने सतनाली खंड की ग्राम पंचायत जड़वा से जांच की शुरुआत की। मंडल अध्यक्ष बेबी शेखावत एवं सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र प्रधान ने हरी झंडी दिखाकर इस मोबाइल लैब का शुभारंभ किया। इसके बाद जड़वा की ढाणी, बासड़ी, सोहड़ी और राजावास में भी पेयजल स्रोतों की जांच की गई।
मंगतु राम सरसवा ने बताया कि सरकार और विभाग का उद्देश्य है कि हर उपभोक्ता को बीआईएस 10500 मानकों के अनुरूप स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो, जिससे लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके। मंडल अध्यक्ष बेबी शेखावत ने कहा कि यह विभाग की सराहनीय पहल है। दससे गांव के लोग पानी की गुणवत्ता को लेकर सजग हो रहे हैं।
सरपंच सुरेंद्र प्रधान ने कहा कि पूर्व में ग्रामीण सिर्फ पानी के रंग और स्वाद के आधार पर उसकी शुद्धता का अनुमान लगाते थे, लेकिन मोबाइल लैब के माध्यम से अब वैज्ञानिक तरीके से यह जानना संभव हो पाया है कि पानी में कौन-कौन से मानक उपस्थित है और स्वास्थ्य के लिए उनकी क्या मात्रा होनी चाहिए।
लैब सहायक उज्ज्वल कुमार ने बताया कि यह मोबाइल लैब आधुनिक जांच उपकरणों से युक्त है, जो दूर-दराज एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी जल गुणवत्ता की जांच करने में सक्षम है। इस मौके पर सोमबीर शेखावत, सुरेंद्र छापड़ा, बीआरसी पूजा रानी, विदेश देवी, कालू, सुंदर, मनीराम, रणधीर, हनुमान, मोहर, जितेंद्र, तथा ग्रामीण सतपाल, सूरजपाल, राकेश, अंजना, उमेद देवी आदि उपस्थित रहीं।