दस दिनों से पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे कोजिंदा गांव के लोगों का गुस्सा मंगलवार को फूट गया और उन्होंने सुबह नारनौल बहरोड़ मार्ग को जाम कर नारेबाजी की। जाम के कारण इस मार्ग के दोनाें ओर वाहनाें की लंबी कतारें लग गई। जिसके कारण लोगाें को काफी समस्या का भी सामना करना पड़ा।
गांव कोजिंदा में करीब दस दिन पूर्व गांव में पेयजल सप्लाई करने वाले बूस्टर की मोटर जल गई थी। जिसके बाद ग्रामीणाें ने इसको ठीक कराने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की, मगर विभाग ने ग्रामीणाें की नहीं सुनी। जिससे नाराज होेकर ग्रामीणाें ने मंगलवार सुबह कोजिंदा गांव के मोड़ पर नारनौल-बहरोड़ मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने सुबह करीब नौ बजे जाम लगाया था और दस बजे तक रास्ता रोके रखा। इसके कारण लोगों को भारी परेशानी हुई। जाम लगा रहे लोगाें ने बताया कि मोटर खराब हो जाने के कारण लगभग पूरे गांव में पेयजल संकट हो गया है।
दस दिनाें से उनके नलों में पानी नहीं आया है। वहीं स्कूल में भी पानी नहीं आने के कारण बच्चाें को भारी परेशानी हो रही है। इस बारे में वे अधिकारियों से मिल चुके हैं, मगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। बाद में जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे शहर थाना प्रभारी रमेश कुमार ने लोगों को समझाबुझाकर जाम खुलवाया। जिसके बाद ही यहां यातायात सुचारु हो पाया।