संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या न पैदा हो, इसके लिए मानसून आने से पहले ही नालों की सफाई कराई जाती है लेकिन नगर पालिका की ओर से अभी तक शहर के नालों की सफाई नहीं कराई गई है। शहर में स्थित 15 से अधिक नालों में दो से तीन फुट तक गंदगी अटी है। अगर नालों की सफाई नहीं कराई गई तो जलभराव की समस्या पैदा होगी।
इसी माह के अंतिम सप्ताह में मानसूनी बारिश शुरू होने की संभावना है लेकिन शहर के 15 से अधिक नालों की सफाई शुरू नहीं कराई गई। गत वर्ष भी नगरपालिका की ओर से नालों की सफाई में देरी के कारण बारिश से जलभराव की समस्या बनी थी। नपा की इस अनदेखी का खामियाजा शहर के लोगों को मानसून में जलभराव के रूप में भुगतना पड़ सकता है। पार्षद भी बैठक में मानसून से पूर्व ही नालों की सफाई की मांग कर चुके हैं लेकिन इस पर कार्रवाई कागजों से धरातल पर नहीं उतर पा रही है। क्योंकि प्रस्ताव पास होने के बावजूद न तो नगर पालिका की ओर से अपने स्तर पर नालों की सफाई की गई और न ही इसका ठेका दिया। हालात यह है कि शहर के ज्यादातर नाले गंदगी से अटे हैं, जिससे मानसून की बारिश में नालों से आसपास जलभराव होने की आशंका है।
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इन स्थानों पर होती है ज्यादा परेशानी
बारिश के दौरान शहर के निचले हिस्सों में जलभराव ज्यादा रहता है। इसके अलावा मोहल्ला महायचान, बालाजी चौक, विश्वकर्मा चौक, सिनेमा रोड, रेलवे रोड, पुलिस परेड ग्राउंड, नगर पालिका कार्यालय, गोशाला रोड, रेलवे रोड, आईटीआई रोड, ब्रह्मचारी रोड, सतनाली चौक सहित अन्य स्थानों पर जल भराव रहता है। नालों की सफाई न होने की वजह से पानी नालों में नहीं जाता, जिससें लोगों को काफी परेशानी होती है।
वर्तमान में यह है नालों की हालत
गोशाला रोड से बुचौली रोड पर नालों में दो-दो फुट कचरा, पॉलीथिन व गंदगी जमी है। वहीं मोहल्ला सैनीपुरा से गोशाला धोलपोश आश्रम तक नालों में पॉलिथीन, खतपतवार सहित गंदगी से अटे पड़े हैं। यहां तक नालों की दीवारें भी टूटकर गिर चुकी हैं। कोका बगंडी से मोदाश्रम रोड तक नालों का भी ऐसा ही हाल बना हुआ है। इसके अलावा बारिश के पानी को शहर से बाहर निकालने के लिए दबाई गई भूमिगत पाइप लाइनों की सफाई भी लंबे समय से नहीं हुई है। सीवरेज व्यवस्था बारिश के दिनों में हर बार बिगड़ जाती है।
- वर्जन:
जल्द ही शहर के सभी नालों की सफाई के लिए टैंडर लगाए जाएगें। मानसून आने से पहले शहर के सभी नालों की सफाई करवाई जाएगी ताकि मानसून के दौरान शहर में जलभराव न हो सके। शहर में जिन स्थानों पर जलभराव की अधिक समस्या बनी रहती है वहां इसके स्थाई समाधान के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। - रमेश सैनी, चेयरमैन, नगर पालिका महेंद्रगढ़