फोटो संख्या:66- आईवाईबीएफ सम्मान प्राप्त करने के बाद कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार से भेंट करतीं
महेंद्रगढ। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सहायक आचार्य डॉ. नम्रता ढाका को वर्ष 2023-24 के लिए हर-गोबिंद खुराना इनोवेटिव यंग बायोटेक्नोलॉजिस्ट (आईवाईबीएफ) से सम्मानित किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने डॉ. नम्रता ढाका को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
डॉ. नम्रता ढाका जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली इस प्रतिस्पर्धी फेलोशिप के लिए देश भर से चयनित नौ वैज्ञानिकों में से एक हैं। डॉ. ढाका को यह फेलोशिप ब्रैसिका जंसिया (सरसों) और सोरघम बाइकलर (ज्वार) बीज विकास के क्षेत्र में उनके काम के लिए मिली है। यह फेलोशिप जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में कार्यरत अभिनव विचारों वाले उत्कृष्ट युवा वैज्ञानिकों को दी जाती है। फेलोशिप में एक शोध अनुदान और तीन साल की अवधि के लिए हर साल दी जाने वाली नकद फेलोशिप शामिल है। आईवाईबीएफ के अलावा, उन्हें पहले डीएसटी इंसपायर एवं एसईआरबीसीआरजी जैसे प्रतिष्ठित परियोजना के लिए अनुदान प्राप्त हो चुका हैं। उनकी प्रयोगशाला बीज के आकार और पोषण के निर्धारण में शामिल जीन को समझने पर कार्य कर रही हैं। उन्हें यह प्रोजेक्ट सोरघम के बीजों में आयरन और जिंक की मात्रा और अन्य गुणों को बढ़ाने पर काम करने के लिए दिया गया था। उनकी टीम में पीएचडी छात्र और प्रोजेक्ट छात्र पिंकी, गरिमा, अनीशा और प्राची शामिल हैं।