महेंद्रगढ़। आवारा कुत्तों की समस्या पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश तीन माह बाद भी कागजों में ही हैं। नगरपालिका अधिकारी गंभीर होते तो अब भी शहर के बाजारों-गलियों में 5 हजार से ज्यादा कुत्ते नहीं घूम रहे होते। नतीजा-नागरिक अस्पताल में रोज औसतन आठ लोग रेबीज का टीका लगवाने पहुंच रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद शेल्टर में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। इस आदेश को धरातल पर उतारने के लिए हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने 16 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंस रिव्यू किया। इसके बाद महेंद्रगढ़ के उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने भी विभिन्न विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि जिले में निगरानी कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह सार्वजनिक और ज्यादा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखेगी।
डीसी के ऑर्डर के अनुसार कमेटी में शामिल हैं सीएमओ हॉस्पिटल में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण सुनिश्चित करेंगे। बस स्टैंड में रोडवेज के जीएम और इसी तरह रेलवे के अधिकारी भी कड़ी नजर रखेंगे। जिला स्तर पर कॉमन टास्क फोर्स में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, पशुपालन, पुलिस और विकास एवं पंचायत विभाग के प्रतिनिधि शामिल हैं। अभी तक निगरानी कमेटी ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
नगर पालिका आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर होम नहीं बनवा पाई है। अधिकारी सिर्फ प्रस्तावों तक ही सीमित हैं। यही कारण है कि शहर के मुख्य बाजारों से लेकर सरकारी कार्यालयों में कुत्तों के झुंड घूम रहे हैं।
आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए नगरपालिका ने इसी माह हुई बैठक में प्रस्ताव पास किया था। शहर में शेल्टर होम बनाने के लिए टेंडर लगाए जा चुके हैं। जल्द ही योजनाबद्ध तरीके से इनका प्रबंधन किया जाएगा।
- रमेश सैनी, चेयरमैन नगरपालिका महेंद्रगढ़
फोटो संख्या:68 शहर की दानवीर कॉलोनी में मौजूद कुत्ते। संवाद
फोटो संख्या:68 शहर की दानवीर कॉलोनी में मौजूद कुत्ते। संवाद