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नागरिक अस्पताल में एक घंटा देर से पहुंच रहे चिकित्सक

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जनरल ओपीडी रूम की कुर्सी खाली व बाहर चिकित्सक का इंतजार करते हुए मरीज। - फोटो : Narnol
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महेंद्रगढ़ सरकारी अस्पताल के चिकित्सक एक घंटे देरी से अस्पताल पहुंचते हैं। इससे मरीजों को उनका एक-एक घंटा इंतजार करना पड़ता है। इस समय अस्पताल का समय 9 बजे से 3 बजे तक का है। मौसम भी ठीक चल रहा है। बावजूद इसके चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ समय पर नहीं पहुंच रहे। यहां तक कि इमरजेंसी से भी चिकित्सक नदारद रहते हैं।
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मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने 9 से 10.15 बजे तक अस्पताल में रहकर इसकी पड़ताल की। स्वयं एसएमओ 20 मिनट देरी से अस्पताल पहुंचीं। ड्यूटी काम कर रहे सात चिकित्सकों में अगर एक चिकित्सक को छोड़ दें तो छह चिकित्सक देरी से पहुंचे। बावजूद इसके कि चार दिन पहले 30 जनवरी को सीएमओ एवं डिप्टी सीएमओ ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्हें अस्पताल में कई खामियां मिली थीं। उसको लेकर सीएमओ ने चिकित्सकों एवं अस्पताल के कर्मचारियों को जमकर लताड़ लगाई थी। सोमवार को प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्री ओमप्रकाश एडीओ ने जिला अस्पताल नारनौल का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को दो कर्मचारियों के सस्पेंड करने के लिए लिखा था। इतना कुछ होने के बाद भी महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल के चिकित्सक एवं स्टाफ सदस्यों पर कोई असर नहीं है। चाहे मंत्री आए या सीएमओ, चिकित्सक एवं स्टाफ सदस्य मनमर्जी से ही अस्पताल आऐंगे।
कुछ यूं दिखे अस्पताल में हालात
मंगलवार को सात चिकित्सकों में एक को छोड़कर अन्य अस्पताल में नहीं पहुंचा था। रूम नंबर 6 में दो दंत चिकित्सक बैठते हैं। इनमें एक चिकित्सक 9.10 तो दूसरी 10.8 बजे पहुंची थीं। रूम नंबर 7 गायनोलॉजिस्ट वार्ड है। इसमें एक लेडी चिकित्सक बैठती हैं, जो 10.50 बजे पहुंचीं। रूम नंबर 8 में सामान्य ओपीडी होती है, इसमें दो चिकित्सक जांच करते हैं। एक चिकित्सक 9.30 बजे तथा दूसरा चिकित्सक 9.53 बजे पहुुंचे। रूम नं 9 में स्टाफ नर्स बैठती हैं, वो भी 20 मिनट देरी से पहुंची। रूम नंबर 10 में बलगम आदि की जांच होती, वहां कर्मचारी लगभग 9.30 बजे पहुंचे। लेबर कक्ष की चिकित्सक 9.41 बजे अस्पताल पहुंचीं। इसके अलावा लैब और एक्स-रे, तथा रूम नंबर 5 के कर्मचारी अपने निर्धारित समय आ गए थे।
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आपातकालीन सेवा में नहीं था चिकित्सक
नागरिक अस्पताल में मंगलवार को आधे घंटी देरी से एक चिकित्सक पहुंचने के बाद ओपीडी शुरू हुई। आपातकालीन सेवा में 24 घंटें एक चिकित्सक की ड्यूटी अवश्य होती है, लेकिन सुबह जब टीम ने इमरजेंसी वार्ड में देखा तो वहां कोई चिकित्सक नहीं था। इसके अलावा लेबर कक्ष के स्टाफ रूम में हीटर लगाए हुए थीं। सीएमओ ने एक जनवरी के निरीक्षण के दौरान लेबर कक्ष में स्टाफ नर्स कक्ष के अंदर हीटर मिला था और यह हीटर लेब रूम के लिए होता है। तब सीएमओ ने आदेश दिए थे कि लेब रूम के लिए हीटर है आप लोगों के लिए नहीं।
अस्पताल परिसर में अब भी खड़ी रहती हैं प्राइवेट एंबुलेंस
सीएमओ ने 30 जनवरी को निरीक्षण के दौरान निजी एंबुलेंस संचालक और चिकित्सकों को स्पष्ट कह दिया था कि भविष्य में कोई निजी एंबुलेंस अस्पताल परिसर में खड़ी नहीं होगी। अगर किसी ने खड़ी की तो उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा। बावजूद इसके अस्पताल परिसर में पेड़ों के नीचे एक बड़ी एंबुलेंस खड़ी हुई थी।
अस्पताल की समस्या पर बोेले लोग
-मैं बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा हूं। आज मेरी तबीयत खराब थी तो इसलिए अस्पताल में चेक करवाने के लिए आई 9 बजे आ गई थी। मुझे यहां आए हुए 20 मिनट हो चुके हैं, अभी कोई चिकित्सक नहीं आया है।
-रेखा।
-मैं अस्पताल में आंख चेक करवाने के लिए 9 बजे आ गई थी। कई देर से यहां खड़ी हूं। अभी कोई चिकित्सक नहीं आया है। पहले भी जब मैं आई थी तब भी आंखों का चिकित्सक देरी से ही आए थे।
-बबली,गांव बवानिया।
मैं रात को शादी समारोह में गई थी। इसलिए सुबह कुछ मिनट देरी से पहुंच थी। जो चिकित्सक देरी से आ रहे हैं उनको बुधवार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। ड्यूटी के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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- डॉ. मोनू यादव, कार्यकारी एसएमओ।
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