फोटो नंबर- 01स्वर्ण पदक के साथ विजेता खिलाड़ी दिव्या सैनी।
नारनौल। दक्षिण हरियाणा के अंतिम छोर पर मौजूद जिला महेंद्रगढ़ तीन ओर से राजस्थान से घिरा हुआ है। जिले का नाम सबसे पिछड़े जिल में जाती है। इसके बावजूद यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है। साथ ही सीमित संसाधनों के चलते नारनौल के दो खिलाड़ियों ने देहरादून में चल रही 38वीं राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है।
तीरंदाज मोहल्ला पीरआगा की 21 वर्षीया दिव्या सैनी और पुरानी मंडी के 17 वर्षीय यशु ने 8 फरवरी को आयोजित हुए आर्चरी के टीम इवेंट में सबको पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। दोनों खिलाड़ियों ने बताया कि उनके कोच विनय कुमार करीब एक माह से उनका मार्गदर्शन कर रहे थे। लगातार सुबह शाम 6 से 7 घंटे का अभ्यास करा रहे थे। उन्हीं की मेहनत व मार्गदर्शन का परिणाम है कि वे गोल्ड पर निशाना साधने में कामयाब रहे।
यशु ने बताया कि टीम में हिसार के आशीष मलिक, राहुल व रवि मलिक भी थे। उन्होंने भी शानदार प्रदर्शन किया और यूपी की टीम को हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया। इसी प्रकार दिव्या की टीम में उनके अलावा जींद की काजल व हांसी की निकिता व मोनिका भी थी। दिव्या ने बताया कि सभी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए मणिपुर की टीम को मात दी। अब दोनों ही खिलाड़ी पश्चिम बंगाल के भोलपुर में 13 व 14 फरवरी को होने वाली दो दिवसीय जूनियर नेशनल प्रतियोगिता के लिए अभ्यास करने में जुट गए हैं। दोनों ही खिलाड़ी यहां से 11 फरवरी को रवाना होंगे।