रेवाड़ी। अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर बुधवार को रिटायर्ड कर्मचारी संघ की ओर से शहर में धरना-प्रदर्शन किया गया। अध्यक्षता जिला प्रधान रामेश्वर दयाल शर्मा ने की। वक्ताओं ने कहा कि आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को लेकर रिटायर्ड कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
देशभर के केंद्रीय व राज्य के पेंशनर्स भय और असुरक्षा की स्थिति में हैं। वक्ताओं का आरोप था कि पेंशनर्स और नागरिकों के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। नई पेंशन व्यवस्था लागू कर नए कर्मचारियों की पेंशन बंद कर दी गई है और पुरानी पेंशन सहित सेवानिवृत्ति लाभों को समाप्त करने की साजिश रची जा रही है।
सभा में कहा गया कि सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर किया जा रहा है, निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है और कम वेतन व अस्थायी रोजगार की नीति अपनाई जा रही है। किसान, मजदूर, कर्मचारी और पेंशनरों के हित में बने कानूनों को बड़े कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में बदला जा रहा है।
यह हैं रिटायर्ड कर्मचारी संघ की मुख्य मांगें
मुख्य मांगों में आठवें वेतन आयोग के सभी लाभ पूर्व की भांति रिटायर्ड कर्मचारियों को दिए जाने, कम्युटेशन की कटौती सभी राज्यों में 11 वर्ष तक सीमित करने, कोरोना काल के दौरान रोका गया 18 माह का महंगाई भत्ता ब्याज सहित देने, 65 वर्ष की आयु पर 10 प्रतिशत और 75 वर्ष की आयु पर 20 प्रतिशत मूल वेतन वृद्धि, सभी सरकारी व पैनल अस्पतालों में मुफ्त इलाज और 3 हजार मासिक मेडिकल भत्ता देना शामिल हैं।
धरने को कुलदीप सिंह यादव, ओमप्रकाश सैनी, राजकुमार जलवा, बीईओ कंवर सिंह, किशोरी लाल, पृथ्वी सिंह, रमेश चंद सैन, राजेंद्र कुमार, दलीप सिंह यादव, तैज मान कुकरेजा, हरिसिंह सैनी, लालचंद सैनी सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। मंच संचालन सचिव हरिराम सैनी ने किया।
मांगों की अनदेखी की तो होगा बड़ा आंदोलन
जिला प्रधान रामेश्वर दयाल शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र व प्रदेश सरकार ने मांगों की अनदेखी की तो 22-23 फरवरी 2026 को कुरुक्षेत्र में प्रस्तावित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय सम्मेलन में बड़े आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी और संघर्ष जारी रहेगा।