फोटो 10अधिकारियों के साथ बैठक लेती सीजेएम। विभाग
नारनौल। सभी विभाग मिलकर काम करेंगे तो अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाकर पीड़ितों को समय पर न्याय मिल पाएगा। यह बात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने मंगलवार को एडीआर सेंटर में बाल विवाह, दहेज प्रथा, साइबर अपराध, फ्रॉड व वल्नरेबल गवाह के संबंध में अधिकारियों की बैठक लेते हुए कही।
सीजीएम ने बाल विवाह व दहेज प्रथा के बारे में कहा कि इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में जहां बैंकिंग और अन्य सेवाएं सुलभ हुई हैं। वहीं साइबर अपराध के मामलों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। साइबर अपराधी मासूम नागरिकों को ठगने के लिए हर दिन नए-नए तरीके अपना रहे हैं। साइबर अपराध से बचने के लिए किसी के साथ ओटीपी साझा न करें व अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें व मजबूत पासवर्ड रखें।
इस मौके पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी सरिता शर्मा ने बाल विवाह व दहेज प्रथा व साइबर क्राइम से सुरेंद्र सिंह ने साइबर क्राइम के बारे में जानकारी दी।