शहर में लंबे समय से बदहाल पड़े सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति अब बदलने वाली है। नगर पालिका ने इनके रखरखाव के लिए 28.32 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। करीब 50 हजार की आबादी वाले इस शहर में मुख्य बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर बने पांच शौचालय देखरेख के अभाव में लगभग बेकार हो चुके थे।
कर्मचारियों की कमी के चलते नगर पालिका नियमित निगरानी नहीं कर पा रही थी। लगभग दस साल पहले इनकी जिम्मेदारी निजी एजेंसी को सौंपने का फैसला लिया गया था और हर दो साल में टेंडर के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जाता रहा।
वहीं, अधिकारियों की ढीली निगरानी के कारण एजेंसियां जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा सकीं। नतीजतन, शौचालयों की हालत इतनी खराब हो गई कि उनमें लगी टंकियां और नल तक गायब हो गए और पानी के अभाव में लोग उनका इस्तेमाल भी नहीं कर पा रहे थे।
अब नए टेंडर में सख्त शर्तें लागू की गई हैं। चयनित एजेंसी को तीन शिफ्टों में कुल 35 कर्मचारियों की तैनाती करनी होगी जो नियमित सफाई, पानी की उपलब्धता और अन्य जरूरी रखरखाव सुनिश्चित करेंगे।
साथ ही किसी भी खराबी को तुरंत ठीक करना अनिवार्य होगा। शर्तों का पालन न करने पर टेंडर रद्द करने का प्रावधान भी रखा गया है। इस पहल से शहरवासियों को स्वच्छ और उपयोगी सार्वजनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है।
- वर्जन:
शहर के सार्वजनिक शौचालयों की नियमित देखरेख के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक सप्ताह में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जो भी एजेंसी को यह टेंडर छोड़ा जाएगा उसे सभी नियम व शर्ताें के अनुसार दो साल तक देखरेख करनी होगी। नियमित रूप से इसकी जांच भी की जाएगी।
-राजेश कौशिक, एमई, नगर पालिका, महेंद्रगढ़