धनतेरस के लिए जिले के बाजार तैयार हैं। इस बार खरीद को लेकर बाजारों में दुकानदार भी काफी उत्साहित हैं। वहीं लोगों ने भी खरीददारी के लिए तैयारी कर ली है। पंच पर्वों का शुभारंभ धनतेरस से ही होता है। इस दिन आयुर्वेद के जनक धनवंतरी जी समुद्र मंथन के समय अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी दिन उनकी जयंती भी मनाई जाती है। बर्तन बाजार के अलावा सर्राफा बाजार तथा अन्य दुकानदारों ने त्योहार के मद्देनजर अपनी दुकानों को सजा दिया है। वहीं इस बार लोग भी धनतेरस पर जमकर खरीददारी करने के मूड में हैं।
पूरे दिन में हैं कई शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण और बर्तन खरीदना अति शुभ माना जाता है। इस बार धनतेरस पर खरीददारी का शुभ समय प्रात: 9.26 से 10.50 शुभ चौघड़िया और दोपहर 2.52 से शाम 4.13 लाभ चौघड़िया, 4.14 से 5.35 तक अमृत चौघड़िया रहेगा। धनतेरस पूजन का शुभ समय प्रदोषकाल में वृक्ष लग्न शाम 6 बजे से 7.55 बजे तक रहेगा। धनतेरस पर यम देव को प्रसन्न करने के लिए दीप दान किया जाता है। धनतेरस के अगले दिन 10 नवंबर को छोटी दीपावली का पूजन किया जाता है। छोटी दीपावली को रूप चौदस के तौर भी मनाते हैं। इस दिन सुबह सुगंधित द्रव्यों से तैयार उबटन से स्नान किया जाता है। इस दिन पूजन का शुभ समय शाम 7.13 से 8.52 तक रहेगा।
दीपावली पर पूजन का समय
आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री के अनुसार दीपावली के दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के पश्चात अयोध्या लौटे थे। उनके आगमन की खुशी में दीपक जलाकर खुशियां मनाई जाती हैं। इस दिन महालक्षमी पूजन भी किया जाता है। इस वर्ष अमावस्या तिथि रात्रि 11.16 बजे तक रहेगी। इस दिन स्वाति नक्षत्र दोपहर 1.33 बजे तक रहेगा। स्वाति नक्षत्र चर संज्ञक होने से वाहन संबंधी, उद्योगपति, दुकानदार, चित्रकार, शिक्षक तथा जल संबंधी व्यापारियों के लिए शुभ रहेगा। दोपहर 1.33 बजे से विशाखा नक्षत्र से बना धाता योग श्रेष्ठ माना जाएगा।
सजने लगी हैं बाजार में दुकानें
धनतेरस को लेकर बाजार में दुकानें सजने लगी हैं। बाजार में बर्तनों की दुकानें, सर्राफा की दुकानों और रेडीमेड के अलावा अन्य दुकानें भी सजने लगी हैं। दुकानदार भी अपनी दुकानों को सजाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
रविवार को भी रही बाजार में भीड़
धनतेरस और दीपावली के चलते बाजारों में रविवार को भी भीड़ रही। लोगों ने बाजारों में जमकर खरीददारी की। आमतौर पर संडे को बंद होने वाले बाजार इस बार खुले रहे।