नारनौल। रेवाड़ी रोड स्थित डीआरडीए कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित जिला परिषद की बैठक में विकास कार्यों को तेज करने और समस्याओं के समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई। जिला प्रमुख डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि राज्य वित्त आयोग से 2.70 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार से 2 करोड़ रुपये की राशि मिली है।
जिला प्रमुख ने सभी पार्षदों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की सूची तैयार करें। बैठक में सड़क, पेयजल, जल निकासी, सामुदायिक भवन और अन्य बुनियादी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने अवैध कटों का मुद्दा भी उठाया गया। पार्षदों ने कहा कि ऐसे कट दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, इसलिए केवल जरूरी स्थानों पर ही इन्हें रखा जाए।
इसके अलावा वर्ष 2022 से 2025 तक सफाई और गंदे पानी की निकासी पर खर्च होने वाले करीब चार करोड़ रुपये के कार्यों की समीक्षा की गई। लंबे समय से रुके कार्यों को देखते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस राशि से गांवों में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए छोटे ट्रैक्टर खरीदे जाएंगे।
जिला परिषद के नए भवन निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया जिसे सभी सदस्यों ने मंजूरी दी। जिला प्रमुख ने कहा कि इसके लिए जल्द ही मुख्यमंत्री से स्वीकृति ली जाएगी।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस और तरल कचरा प्रबंधन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही वर्ष 2025-26 के अनुदान से जुड़े विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई और 2026-27 की योजनाओं का प्रारूप तैयार किया गया।
बैठक की अध्यक्षता जिला प्रमुख डॉ. राकेश कुमार ने की जबकि उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रमोद कुमार भी मौजूद रहे। बैठक में 19 में से 15 पार्षद शामिल हुए। इससे पहले हुई बैठक हंगामे के कारण बिना किसी फैसले के स्थगित कर दी गई थी।
पेयजल संकट का मुद्दे पर भी हुई चर्चा
नांगल चौधरी क्षेत्र में पेयजल संकट का मुद्दा भी चर्चा में रहा। पार्षद श्याम चंदेला ने बताया कि कई गांवों में बोरवेल तो लगाए गए हैं लेकिन पुराने बिजली बिल बकाया होने के कारण उन्हें चालू नहीं किया जा सका है। इस पर अधिकारियों ने सुझाव दिया कि या तो पंचायतें बकाया राशि जमा करें या फिर इन योजनाओं को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को सौंप दिया जाए।