गांव भूंगारका में सरपंच के निलंबन के बाद बहुमत का पंच चुनने के लिए विभाग की ओर से पांच बार बुलाई बैठक में भाग नहीं लेने पर उपायुक्त ने मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए ग्राम पंचायत के 12 पंचों को पदमुक्त कर दिया है। इसके साथ ही सभी को आगामी पांच वर्षों तक चुनाव लड़ने को लेकर अयोग्य घोषित किया गया है। पंचायत में कुल 15 पंच हैं। बैठकों में इनमें से दो पंच ही शामिल होते रहे हैं जबकि एक पंच का निधन हो चुका है।
भूंगारका के सरपंच राजेंद्र सिंह को आर्म्स एक्ट के दर्ज केस के तहत प्रशासन ने पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 51(1) के तहत अगस्त महीने में सरपंच पद से निलंबित कर दिया था। सरपंच के निलंबित होने के बाद पंचायत का चार्ज बहुमत वाले पंच को सौंपा जाना था। इसके लिए पहली बैठक 21 अगस्त को और पांचवीं बैठक 6 अक्तूबर को बुलाई गई थी। पहली बैठक में भी वार्ड 12 से पंच सुमेर सिंह व वार्ड 13 से महिला पंच संगीता देवी ही शामिल हुए थे। बैठक और एजेंडा के बारे में चौकीदार के मार्फत भी अवगत करवाया गया था। बावजूद इसके बैठक में भाग नही लेने पर प्रशासन इन्हें कारण बताओ नोटिस दिया। आठ फरवरी को हुई सुनवाई में एक पंच को छोड़कर सभी पंच उपस्थित भी हुए, किंतु उन्होंने राजेंद्र सिंह को ही सरपंच बनाने पर ही बैठक में भाग लेने की बात कही।
प्रशासन ने भूंगारका पंचायत के 12 पंचों को पद से निलंबित कर दिया है। अब पंचायत संबंधित कार्यों के लिए उन्हें प्रशासन के आगामी आदेशों का इंतजार है।
सुरेश, ग्राम सचिव,, ग्राम पंचायत भूंगारका।