नारनौल। शीतलहर व अत्यधिक सर्दी के चलते उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर ने आगामी 19 जनवरी तक ठंड के प्रति जागरूक रहने की एडवाइजरी जारी की है। सरकार के निर्देशानुसार आगामी 19 जनवरी तक शीत-घात से बचाव को लेकर नागरिक अतिरिक्त सावधानी बरतें तथा ठंड से बच्चों, बुजुर्गों तथा पशुओं का बचाव रखें। आम नागरिकों से आह्वान करते हुए उपायुक्त ने कहा कि आगामी कुछ दिन तक जिले में शीतलहर व कड़ाके की ठंड की संभावना है। ऐसे हालात में हम थोड़ी सी सावधानी बरतते हुए इस ठंड से बच सकते हैं।
उपायुक्त ने बताया कि शीत-घात से बचने के लिए मौसम पूर्वानुमान के लिए रेडियो/टीवी/समाचार पत्र जैसे सभी मीडिया माध्यम का ध्यान रखें ताकि यह पता चल सके कि आगामी दिनों में शीत लहर की संभावना है या नहीं। सर्दियों लिए पर्याप्त कपड़ों का स्टॉक करें। घर में ठंडी हवा के प्रवेश रोकने हेतु दरवाजों तथा खिड़कियों को ठीक से बंद रखें। फ्लू, नॉक बहना/ भरी नाक या नाक बंद जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना आमतौर पर ठंड में लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होती हैं। इस तरह के लक्षणों से बचाव हेतु आवश्यक सावधानी बरतें तथा स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों या डॉक्टर से परामर्श करें। जितना हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें।
ज्यादा से ज्यादा गर्म कपड़े पहनना जरूरी
ऐसे मौसम में गर्म कपड़े पहने ताकि ठंड न लगे। तंग कपड़े खून के बहाव को रोकते हैं, इनसे बचें। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। शरीर की गरमाहट बनाए रखने हेतु अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढककर रखें। गीले कपड़े तुरंत बदलें। हाथों में दस्ताने रखें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करें। सिर पर टोपी या मफलर पहने, स्वास्थ्य वर्धक भोजन ले।
विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियों का करें सेवन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं, इससे ठंड से लडऩे के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी। बुजुर्ग लोगों, नवजात शिशुओं तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें एवं ऐसे पड़ोसी जो अकेले रहते हैं, विशेषकर बुजुर्ग लोगों का हाल चाल पूछते रहे।
बंद कमरों में कोयले को जलाना हो सकता खतरनाक
उपायुक्त ने बताया कि जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें। रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखें। बंद कमरों में कोयले को जलाना खतरनाक हो सकता है। कोयला की आग कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस पैदा करती है। उन्होंने कहा कि ऐसी ही लापरवाही के कारण राज्य में कई जगह पर ऐसे हादसे हो चुके हैं। ऐसे में नागरिक यह सुनिश्चित करें कि वे कोयले की भट्ठी आदि बंद कमरे में ना जलाएं।