जिला शिक्षा विभाग मंगलवार को निजी स्कूलों की छुट्टी करवाने के लिए हरकत में आया। जिला शिक्षा अधिकारी सुबह 8 बजे नगर के मसानी चौक एवं रावतुलाराम चौक पर पहुंचकर बसों को चेक किया। इसके अतिरिक्त लगभग दस स्कूलों में जाकर छापेमारी भी की। इस दौरान नन्हें-नन्हें बच्चे खुले आसमान में ठंडी मिट्टी पर मिले। बच्चों को नीचे बैठा देखकर जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लावनिया ने प्राचार्यों को जबरदस्त फटकार लगाई और उसी समय स्कूलों की छुट्टी भी करवाई। लावनिया ने बताया कि इन स्कूलों को विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने मसानी चौक पर एक दर्जन से अधिक स्कूल बसों को चेक किया जिसमें नन्हें-नन्हें बच्चें ठंड से कांप रहे थे। डीईओ ने बसों के अंदर बैठे विद्यार्थियों एवं अध्यापकों से बात की तथा अपनी लिस्ट में कार्रवाई के लिए नाम नोट कर लिया। इसके बाद राव तुलाराम चौक पर भी बहुत सी बसों को चेक किया। जब बसों से बात नहीं बनती दिखी तो टीम सतनाली की ओर रुख किया। जहां पर लगभग सभी स्कूल लगे हुए थे, कुछ स्कूलों नन्हें-नन्हें बच्चों को धुंध में ठंडी मिट्टी पर और खुले आसमान के नीचे बैठा रखा था। जिला शिक्षा अधिकारी ने किसी भी स्कूल संचालक की एक न सुनी और 8 जनवरी तक बच्चों की छुट्टी घोषित करवाई।
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नहीं चली बहाने बाजी
शिक्षा विभाग की टीम जैसे ही स्कूलों में पहुंची तो स्कूलों में हड़कंप मच गया। टीम ने बड़ी कक्षा बुलाने का बहाना भी किया लेकिन जब स्कूल चेक किए तो छोटे-छोटे बच्चों की भी कक्षाएं लगी हुई थीं। संचालक अलग-अलग बहाने बाजी कर रहे थे। कोई संचालक 26 जनवरी की तैयारी करवाने बहाना बना रहा था कोई प्रीबोर्ड परीक्षा करवाने को कहे रहे थे। परंतु शिक्षा विभाग की टीम ने उनकी एक नहीं सुनी।
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ठंड से कांप रहे थे छोटे बच्चे
निजी स्कूूलों में 25 किलोमीटर से अधिक दूरी से बच्चे आते हैं। स्कूलों का समय 9 से 3 का चल रहा है। इतनी भयंकर ठंड में बच्चों को सुबह 7 बजे बिस्तर छोड़ना पड़ता है तब जाकर वो 8 बजे अपने बस स्टैंड पहुंचते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी मसानी चौक पर जब बस चेक रहे थे तो उन्होंने एक निजी स्कूल की बस के नन्हें जो शायद यूकेजी का बच्चा था तो उसने अपना गांव खुडाना बताया। यानी वह बस खुडाना से आ रही थी जो स्कूल तक 20 किलोमीटर के करीब पड़ता है। टीम ने जब छुट्टी करवाने की घोषणा की तो बच्चों ने बस के अंदर जोरदार तालियां बजाई तथा खुशी से झूम उठे।
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परिजन भी हैं दोषी
पिछले पांच दिनों के दौरान क्षेत्र में जबरदस्त धुंध पड़ रही है। ऐसे कोहरें में दृश्यता10 मीटर मुश्किल से है जबकि तापमान 3 से 4 डिग्री के बीच चल रहा है। ऐसे में छुट्टी होने के बाद भी परिजन स्कूलों में अपने बच्चों को भेज रहे हैं।
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प्रतिस्पर्धा भी है मुख्य कारण
महेंद्रगढ़ क्षेत्र शिक्षा का हब है इसका मुख्य कारण यहां के स्कूलों के बीच प्रतिस्पर्धा का होना है। इसी प्रतिस्पर्धा के कारण निजी स्कूल अपने स्कूल को बेस्ट साबित करने के लिए स्कूल लगाते हैं। स्कूल बेस्ट तभी माना जाता है जब उस स्कूल का परीक्षा परिणाम शानदार होता है। बहुत से स्कूल एक्ट्रा कक्षाएं भी लगातें है। बड़े स्कूलों को देखकर छोटे स्कूलों को कक्षाएं लगाने मजबूरी बन जाती है।
वर्जन:
मंगलवार को हमने विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण किया जहां स्कूल खुले हुए थे उनकी छुट्टी करवाई तथा अब उनको नोटिस भी विभाग की ओर से जारी किया जाएगा। इसके अलावा जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि भविष्य में वो ऐसी गलती न करें। -मुकेेश लावनिया, जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्रगढ़