फोटो नंबर- 13लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता। स्रोत-प्रवक्ता
नारनौल। बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एडवोकेट अतरलाल व जिला अध्यक्ष प्रमोद कटारिया के नेतृत्व में तहसीलदार अरुण कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इससे पहले लघु सचिवालय में विरोध, प्रदर्शन भी किया। ज्ञापन में बताया कि हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संसद में अपने वक्तव्य में संविधान निर्माता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के प्रति अमर्यादित व उपहास पूर्ण शब्दों का प्रयोग किया गया है। यह न केवल अशोभनीय है बल्कि बाबा साहब के प्रति गहरी असंवेदनशीलता व जातिवादी मानसिकता को भी प्रदर्शित करता है। इससे बहुजन समाज के आत्म सम्मान व स्वाभिमान को काफी ठेस पहुंचाई गई है। इसको लेकर समाज के हर वर्ग में आक्रोश है। डॉ. भीमराव आंबेडकर जिन्होंने भारत के संविधान का निर्माण कर देश को लोकतांत्रिक मूल्य प्रदान किये, उनका इस प्रकार का अपमान में अनादर किसी भी रूप में लोगों को स्वीकार्य नहीं है।
बसपा ने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की हैं कि वे संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करते हुए इस गंभीर मामले में सोच विचार करके इस पर जरूर उचित कदम उठाए । अतरलाल व जिला अध्यक्ष प्रमोद कटारिया ने कहा कि गृहमंत्री को नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष रामनरेश सैनी, जिला सचिव हरदीप, पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अशोक दास नारनौलिया, जिला कोषाध्यक्ष दलबीर थानेदार, विधानसभा प्रभारी कपिल देव बाछौद, विधानसभा अध्यक्ष अटेली रविंद्र रामबास, देवकीनंदन नांगल चौधरी, विनोद कुमार, तुषार तायल चंदपुरा, मदनलाल बाबूजी, रामसिंह नंबरदार, भाग सिंह चेयरमैन, कैलाश सेठ, योगेंद्र निंबल, विधानसभा प्रभारी सुभाष अगियार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद